facebookmetapixel
Budget 2026 में Cryptocurrency को लेकर क्या बदलाव होने चाहिए?Stock Market: IT शेयरों की तेजी से सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में, बढ़त रही सीमितJio Q3 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 11.3% बढ़कर ₹7,629 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू में भी जबरदस्त बढ़तAbakkus Flexi Cap का पहला पोर्टफोलियो आउट, फंड ने बताया कहां लगा है ₹2,468 करोड़; देखें पूरी लिस्ट1 अप्रैल से म्यूचुअल फंड के नए नियम: SEBI ने परफॉर्मेंस के हिसाब से खर्च लेने की दी इजाजतReliance Q3FY26 results: रिटेल बिजनेस में कमजोरी के चलते मुनाफा ₹18,645 करोड़ पर स्थिर, रेवेन्यू बढ़ाProvident Fund से निकासी अब और आसान! जानें कब आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं?Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार, BSE और NSE का बड़ा ऐलानExplainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?SEBI का नया प्रस्ताव: बड़े विदेशी निवेशक अब केवल नेट वैल्यू से कर सकेंगे ट्रेड सेटल

डिजिटल कर्ज पर नोडल एजेंसी का सुझाव

Last Updated- December 11, 2022 | 11:27 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक के एक कार्य समूह ने डिजिटल माध्यम से ऋण आवंटन करने वाले ऐप्लिकेशन की तकनीकी विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए एक विशेष (नोडल) एजेंसी तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। इस समूह ने अवैध ऋण आवंटन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक स्व-नियामकीय संगठन के अलावा कानूनी प्रावधान किए जाने की भी सिफारिश की है। 

केंद्रीय बैंक ने मोबाइल ऐप्लिकेशन एवं डिजिटल मंचों सहित डिजिटल माध्यम से उधारी कारोबार पर इस कार्य समूह का गठन किया है। इस समूह ने अपनी सिफारिशों में कहा है, ‘एक नोडल एजेंसी की स्थापना की जानी चाहिए जो बैलेंस शीट लेंडर के डिजिटल लेंडिंग ऐप (डीएलए) और ऋण सेवा प्रदाता (एलएसपी) की तकनीकी विश्वसनीयता की जांच करेगी।’ इसमें कहा गया है कि नोडल एजेंसी अपनी वेबसाइट पर सत्यापित मोबाइल ऐप की एक सूची सार्वजनिक करेगी। बैलेंस शीट लेंडिंग व्यवस्था में आवंटित ऋण वास्तविक कर्जदाता के खाते में दर्ज होता है। समूह ने यह भी कहा है कि डीएलए के माध्यम से बैलेंस शीट लेंडिग की अनुमति केवल आरबीआई द्वारा मान्यताप्राप्त एवं अधिकृत इकाइयों या किसी अन्य कानूनी प्रावधान के तहत ऋण आवंटन करने की पात्रता रखने वाली इकाइयों को ही होनी चाहिए।  आरबीआई के कार्य समूह ने यह सुझाव दिया है कि स्व-नियामकीय संगठन की जद में डिजिटल माध्यम से ऋण आवंटन कारोबार में लगी सभी इकाइयां आनी चाहिए।

First Published - November 18, 2021 | 11:32 PM IST

संबंधित पोस्ट