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रिजर्व बैंक ने की VRRR नीलामी, बढ़ी नकदी

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डीलरों के मुताबिक इससे औसत भारित दर गिरकर 6.32 प्रतिशत आ गई। बैंकों ने 50,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि पर 6.48 औसत भारित दर पर 39,670 करोड़ रुपये जमा कराए थे।

Last Updated- March 14, 2024 | 11:32 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को ओवरनाइट परिवर्तनीय दर रिवर्स रीपो नीलामी की। दरअसल, रिजर्व बैंक ने सरकारी खर्च से नकदी की स्थिति बेहतर होने के कारण यह कदम उठाया। डीलरों के मुताबिक इससे औसत भारित दर गिरकर 6.32 प्रतिशत आ गई। बैंकों ने 50,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि पर 6.48 औसत भारित दर पर 39,670 करोड़ रुपये जमा कराए थे।

केंद्रीय बैंक के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक बैंकिंग प्रणाली में बुधवार को नकदी का अधिशेष 13,377 करोड़ रुपये था जबकि यह मंगलवार को 4,356 करोड़ रुपये था।

बड़े सरकारी बैंक के डीलर ने बताया, ‘सरकारी खर्च के अलावा डॉलर/रुपये के स्वैप के कारण 40,000 करोड़ रुपये प्रणाली में आए थे और इसे आरबीआई ने वापस नहीं लिया था।’आरबीआई का 5 अरब डॉलर का डॉलर-रुपया स्वैप सोमवार को परिपक्व हो गया।

इसके परिपक्व होने पर केंद्रीय बैंक ने इसे वापस लेने के विकल्प का इस्तेमाल नहीं किया और परिपक्वता को मुहैया करवाया। इसका मकसद विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये की नकदी को मजबूत करना था।

केंद्रीय बैंक ने मार्च 2022 में 5 अरब डॉलर मूल्य की खरीद/बिक्री स्वैप की थी। इस क्रम में डॉलर की बिक्री की गई थी। इस बिक्री के दौरान केंद्रीय बैंक ने स्वैप की अवधि खत्म होने पर इस राशि पर पुन: खरीद को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य परिपक्वता होने पर अग्रिम सौदे का विस्तार करना था और अग्रिम परिसंपत्तियों से जुड़ी प्राप्ति को सुव्यवस्थित करना था।

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First Published - March 14, 2024 | 11:32 PM IST

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