facebookmetapixel
Advertisement
Sugar Price: मॉनसून की मार से चीनी महंगी, जानें क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और आगे क्या होगा?कच्चे तेल की कीमतें घटीं, फिर भी पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों? हरदीप पुरी ने बताई वजहInvesco Mutual Fund ने SIF सेगमेंट में रखा कदम, लॉन्च किया समिट इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड; क्या है इसमें खास?India-EU FTA: 10-12 दिन में पूरी होगी कानूनी समीक्षा, गोयल बोले- साल के अंत तक होगी डील30 चुनिंदा मिडकैप शेयरों में निवेश का मौका, 17 जुलाई तक खुला रहेगा MOMF का नया इंडेक्स फंडMirae Asset MF ने उतारे 2 नए मिडकैप फंड, ₹5,000 से निवेश शुरू; प्राइस मोमेंटम वाले शेयरों पर फोकसविदेशी फंड्स में लौटी निवेशकों की दिलचस्पी, 40% रिटर्न और ₹7,600 करोड़ के इनफ्लो ने बदला ट्रेंडSBI Mutual Fund का IPO अगले हफ्ते आ सकता है, ₹11,400 करोड़ जुटाने की तैयारी: रिपोर्टModi-Takaichi बैठक में बड़ा फैसला! AI, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस में भारत-जापान मिलकर करेंगे कामRed Bull से Monster तक कई एनर्जी ड्रिंक कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा, भ्रामक दावों पर भेजा नोटिस

RBI ने शुरू किया IDBI Bank के संभावित बोलीदाताओं का आकलन

Advertisement
Last Updated- April 13, 2023 | 11:14 PM IST
FinMin may complete privatisation process of IDBI Bank by March 2025 IDBI Bank के निजीकरण की प्रक्रिया मार्च 2025 तक पूरी होने की उम्मीद: वित्त मंत्रालय

भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक की बहुलांश हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी रखने वाले कम से कम पांच संभावित बोलीदाताओं का आकलन शुरू किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

कोटक महिंद्रा बैंक, प्रेम वत्स समर्थित सीएसबी बैंक और एमिरेट्स एनबीडी बोलीदाताओं में शामिल हैं, जिन्होंने अभिरुचि पत्र जमा कराया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। रॉयटर्स हालांकि अन्य संभावित बोलीदाताओं के नाम की पुष्टि नहीं कर पाया।

आरबीआई, वित्त मंत्रालय, आईडीबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, सीएसबी बैंक ने इस बारे में टिप्पणी नहीं की। एमिरेट्स बैंक के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। व्यापक निजीकरण योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में यह विनिवेश का पहला बड़ा मामला है और इससे सरकार को मौजूदा बाजार कीमत पर 300 अरब रुपये मिल सकते हैं।

आईडीबीआई बैंक में भारत सरकार की हिस्सेदारी 45.48 फीसदी है ​और वह इसकी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम अपनी 49.24 फीसदी हिस्सेदारी में से 30.24 फीसदी हिस्सा बेचेगी।

हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया का पहला कदम अभिरुचि पत्र जमा कराने का मामला जनवरी में पूरा हो गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। तब से ही संभावित बोलीदाताओं ने बैंक का ड्यू डिलिजेंस शुरू कर दिया है और सूत्रों ने कहा कि वित्तीय बोली इसी साल आगे जमा कराई जा सकती है। संभावित बोलीदाताओं ने सवाल उठाया है कि विनिवेश के बाद सरकार का कितना नियंत्रण रहेगा क्योंकि तब भी उसके पास 15 फीसदी हिस्सेदारी बची रहेगी और सरकारी कंपनी एलआईसी के पास 19 फीसदी हिस्सेदारी होगी।

एक सूत्र ने कहा, सरकार का इरादा प्रबंधन पर किसी तरह के नियंत्रण का नहीं है। सरकार तब इस पर फैसला लेगी जब लिखित रूप से इस पर जानकारी देना आवश्यक होगा।

Advertisement
First Published - April 13, 2023 | 11:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement