facebookmetapixel
Advertisement
डिजिटल रुपये की बढ़ी रफ्तार, सीबीडीसी और यूएलआई का दायरा लगातार बढ़ा: आरबीआईUPI पर MDR लागू होगा या नहीं? RBI गवर्नर बोले- अभी चर्चा करना जल्दबाजीन डोविश, न हॉकिश; महंगाई को तय दायरे में लाने पर रहेगा जोर: RBI गवर्नर संजय मल्होत्राRBI Policy के बाद डेट फंड्स में कहां लगाएं पैसा? ड्यूरेशन को लेकर बंटी फंड मैनेजर की रायRBI का बड़ा प्रस्ताव: सभी लेंडर्स के लिए लोन ब्याज दर तय करने के नियम होंगे एक समानसाइबर धोखाधड़ी के खिलाफ आरबीआई की कार्रवाई तेज, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनेगी नई गाइडलाइनRBI MPC Meet: सितंबर में चरम पर हो सकती है अतिरिक्त लिक्विडिटी, FCNR(B) का असर रहेगा अस्थायीRBI MPC Meet: FCNR(B) जमा को समय से पहले बंद करने की कोई बात नहीं, 41 अरब डॉलर जुटेकागज के नोटों से ज्यादा टिकाऊ होंगे पॉलिमर नोट, आरबीआई अगले वित्त वर्ष में कर सकता है शुरुआतRBI MPC Meet: शहरी स​​हकारी बैंक के लिए फिर मिलेंगे लाइसेंस, ₹10,000 करोड़ जमा अनिवार्य

RBI ने शुरू किया IDBI Bank के संभावित बोलीदाताओं का आकलन

Advertisement
Last Updated- April 13, 2023 | 11:14 PM IST
FinMin may complete privatisation process of IDBI Bank by March 2025 IDBI Bank के निजीकरण की प्रक्रिया मार्च 2025 तक पूरी होने की उम्मीद: वित्त मंत्रालय

भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक की बहुलांश हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी रखने वाले कम से कम पांच संभावित बोलीदाताओं का आकलन शुरू किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

कोटक महिंद्रा बैंक, प्रेम वत्स समर्थित सीएसबी बैंक और एमिरेट्स एनबीडी बोलीदाताओं में शामिल हैं, जिन्होंने अभिरुचि पत्र जमा कराया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। रॉयटर्स हालांकि अन्य संभावित बोलीदाताओं के नाम की पुष्टि नहीं कर पाया।

आरबीआई, वित्त मंत्रालय, आईडीबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, सीएसबी बैंक ने इस बारे में टिप्पणी नहीं की। एमिरेट्स बैंक के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। व्यापक निजीकरण योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में यह विनिवेश का पहला बड़ा मामला है और इससे सरकार को मौजूदा बाजार कीमत पर 300 अरब रुपये मिल सकते हैं।

आईडीबीआई बैंक में भारत सरकार की हिस्सेदारी 45.48 फीसदी है ​और वह इसकी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम अपनी 49.24 फीसदी हिस्सेदारी में से 30.24 फीसदी हिस्सा बेचेगी।

हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया का पहला कदम अभिरुचि पत्र जमा कराने का मामला जनवरी में पूरा हो गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। तब से ही संभावित बोलीदाताओं ने बैंक का ड्यू डिलिजेंस शुरू कर दिया है और सूत्रों ने कहा कि वित्तीय बोली इसी साल आगे जमा कराई जा सकती है। संभावित बोलीदाताओं ने सवाल उठाया है कि विनिवेश के बाद सरकार का कितना नियंत्रण रहेगा क्योंकि तब भी उसके पास 15 फीसदी हिस्सेदारी बची रहेगी और सरकारी कंपनी एलआईसी के पास 19 फीसदी हिस्सेदारी होगी।

एक सूत्र ने कहा, सरकार का इरादा प्रबंधन पर किसी तरह के नियंत्रण का नहीं है। सरकार तब इस पर फैसला लेगी जब लिखित रूप से इस पर जानकारी देना आवश्यक होगा।

Advertisement
First Published - April 13, 2023 | 11:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement