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योजनाओं की समीक्षा करेंगी वित्त मंत्री

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Last Updated- December 11, 2022 | 2:55 PM IST

 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को अनुसूचित जाति के लोगों को कर्ज देने और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्त संस्थानों के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगी। बैंकों में अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए किए गए उपायों की समीक्षा बैठक के एजेंडे में से एक होगी। आरक्षण के मूल्याकंन के साथ पिछली रिक्तियां और उन्हें भरने के लिए की गई कार्रवाई और कल्याण संघों के द्वारा कल्याण और शिकायत निवारण तंत्र के कामकाज के लिए की गई बैठक, मुख्य संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ काबी गठन किया जाएगा।
अनुसूचित जातियों के लिए ऋण वृद्धि गारंटी योजना, अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष, स्टैंड अप इंडिया के तहत प्रदान किए जा रहे ऋण के अलावा, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट और शिक्षा ऋण के रूप में केंद्र सरकार ने विशेष योजनाएं शुरू की है।
बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और डॉ. डॉ. भागवत किशनराव कराड, सिडबी और नाबार्ड भाग लेंगे।   इससे पहले वित्त मंत्री ने सोमवार को कहा कि रुपये का अवमूल्यन सैद्धांतिक रूप से भारत के निर्यात में मदद कर सकता है, बाहरी मांगमें मुद्रा मंदी के तहत रुपये में गिरावट देश के निर्यात में मदद कर सकता है या नहीं भी कर सकता है। 
एक सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा, ‘कुछ लोग यह भी कह रहे हैं रुपया में गिरावट निर्यात में मदद करेगा। यह करता है या नहीं, सैद्धांतिक रूप से यह हो सकता है, लेकिन आज की स्थिति में जब बाहरी मंदी के साथ और मांग जितनी होनी चाहिए वास्तव में उतनी है नहीं, यहां तक ​​​​कि रुपये में गिरावट भी हमारे निर्यात में मदद कर सकती है या नहीं भी कर सकती है। हम इन बुनियादी तथ्यों के प्रति सचेत हैं।’

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First Published - September 26, 2022 | 10:42 PM IST

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