facebookmetapixel
Advertisement
1080% का मोटा डिविडेंड! फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़ी कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेFPI Outflow: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का मोहभंग, 2026 में निकाले रिकॉर्ड ₹2.25 लाख करोड़ITR-1 से लेकर ITR-4 तक, सीनियर सिटीजन कौन सा फॉर्म चुनें और कहां मिल सकती है छूट?Mcap: शेयर बाजार में सुस्ती से रिलायंस समेत 7 कंपनियों के डूबे ₹1.54 लाख करोड़, HDFC को भी बड़ा झटकाअमेरिका-ईरान शांति समझौते में आया नया मोड़, ट्रंप ने ड्राफ्ट में बदलाव की मांग कर अड़ाया पेंचभीषण गर्मी के बाद आंधी-बारिश से बदलेगा मौसम का मिजाज, दिल्ली-UP सहित कई राज्यों में गिरेगा पारातेल कंपनियों के लिए खुशखबरी: सरकार ने घटाई पेट्रोल-डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी, निर्यातकों को बड़ी राहतपश्चिम एशिया संकट व कमजोर मॉनसून बढ़ा सकती हैं चिंताएं, चुनौतियों से निपटने के लिए रहें तैयार: वित्त मंत्रालयक्या आपका रिटायरमेंट फंड बुढ़ापे में जीवनभर साथ देगा? जानें बढ़ती उम्र और महंगाई के बीच सुरक्षा का फॉर्मूला10 साल के सबसे खराब मानसून के खतरे के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से शुरू होगा ‘खेत बचाओ’ अभियान

19 बैंकों को चूना लगाने के आरोप में CBI ने IL&FS ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क के खिलाफ दर्ज किया केस

Advertisement
Last Updated- June 02, 2023 | 10:18 PM IST
CBI

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने IL&FS ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ 2016-2018 के बीच 6,524 करोड़ रुपये की रकम के साथ 19 बैंकों को कथित रूप से धोखा देने का मामला दर्ज किया है। इससे प्रभावित कुछ बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक और यस बैंक शामिल हैं। IL&FS ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड और उसके निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।

यह धोखाधड़ी 2018 में सामने आई जब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने IL&FS का अधिग्रहण करने के लिए एक नया निदेशक मंडल नियुक्त किया। ग्रांट थॉर्टन द्वारा किए गए एक फोरेंसिक ऑडिट में खर्च और आय के विवरण में संभावित अनियमितताओं का पता चला, जिसने कंपनी को वित्तीय तौर पर नुकसान पहुंचाया।

IL&FS ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड ने उचित रिकॉर्ड के बिना फंड ट्रांसफर किया और समूह की अन्य कंपनियों के साथ सर्कुलर लेनदेन में लगे रहे। इसके अतिरिक्त, नकली प्रतिस्पर्धी कोट (fake competitive quotes) प्राप्त किए गए और टायर व्यापारी के रूप में पंजीकृत विक्रेता से स्टील की खरीद सहित झूठे खर्च रजिस्टर किए गए थे।

आसान शब्दों में कहें तो IL&FS ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड और उसके निदेशकों पर बड़ी रकम की हेराफेरी करके कई बैंकों को धोखा देने का आरोप है। उन्होंने कथित तौर पर कंपनी के वित्तीय विवरणों में हेरफेर किया, बिना उचित रिकॉर्ड के फंड ट्रांसफर किया और धोखाधड़ी वाले लेनदेन में शामिल रहे। कंपनी की देखरेख के लिए नियुक्त नए निदेशक मंडल द्वारा जांच के दौरान धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ।

Advertisement
First Published - June 2, 2023 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement