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कम हो अगर ब्याज दर तभी अपनाएं ‘पे लेटर’

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:16 PM IST

खबरें हैं कि एमेजॉन इंडिया ने हाल ही में शुरू हुई अपनी ‘ग्रेट इंडियन फेस्टिवल’ सेल के पहले दिन ही ग्राहकों को ‘पे लेटर’ की सुविधा के जरिये 600 करोड़ रुपये से ऊपर का कर्ज बांट दिया। पे लेटर बेहद आसानी से कर्ज हासिल करने की सुविधा होती है, जिसमें ग्राहकों को आवेदन के साथ केवाईसी की औपचारिकता पूरी करनी होती है और उसके बाद ग्राहकों की साख के आधार पर ये कंपनियंा उनके लिए कर्ज की एक सीमा तय करती हैं। ग्राहक उस सीमा तक की राशि का सामान खरीद सकते हैं और नियत समय पर समूची रकम या किस्तों में रकम चुकाते रहते हैं।
जाहिर है कि यह चुटकियों में कर्ज हासिल करने का बेहद आसान तरीका है क्योंकि एक बार कर्ज की मंजूरी होने के बाद किसी भी समय ग्राहक उसे हासिल कर सकता है। एमेजॉन और फ्लिपकार्ट आम दिनों में भी इस तरह की सुविधा देते हैं। त्योहारी मौसम चल रहा है और कोरोनावायरस की चोट खाए ग्राहक हाथ रोककर खर्च कर रहे हैं। ऐसे में कंपनियां दीवाली से पहले पे लेटर के इस्तेमाल के लिए ग्राहकों को जमकर प्रोत्साहित करेंगी ताकि खरीदारी को बढ़ावा मिल सके। ई-कॉमर्स की ये दोनों दिग्गज ही नहीं बल्कि कई वित्तीय तकनीकी (फिनटेक) कंपनियां और बैंक भी पे लेटर की सुविधा प्रदान करते हैं।

युवा ले रहे हाथोहाथ
एमेजॉन पे इंडिया के मुख्य कार्य अधिकारी महेंद्र नेरुरकर पे लेटर सुविधा की खूबियां गिनाते हैं। वह कहते हैं, ‘इससे ग्राहकों के लिए कर्ज के विकल्प और मात्रा में इजाफा हो जाता है। साथ ही उन्हें भुगतान करने तथा अपने महीने के खर्च को बेहतर तरीके से संभालने का एक सहूलियत भरा जरिया भी मिल जाता है।’
आसान कर्ज के सबसे बड़े कद्रदान युवा होते हैं और पे लेटर का सबसे ज्यादा फायदा भी युवा पीढ़ी ही उठा रही है। ‘बाइ नाउ, पे लेटर’ यानी अभी खरीदिए और कीमत बाद में अदा कीजिए जैसी सुविधा देने वाली अग्रणी कंपनी कैपिलट फ्लोट के सह संस्थापक और प्रबंध निदेशक गौरव हिंदुजा बताते हैं, ‘हमारे ज्यादातर ग्राहक मिलेनियल्स और युवा पेशेवर हैं, जिनकी उम्र 25 से 40 साल के बीच है। आम तौर पर ये मोबाइल फोन पर मिलने वाले डिजिटल वित्तीय उत्पाद तलाशते हैं। मझोले और छोटे शहरों के ग्राहकों ने भी हमारी पेशकश में अच्छी खासी दिलचस्पी दिखाई है।’ पाइन लैब्स के मुख्य कारोबार अधिकारी कुश मेहरा का भी यही कहना है। वह बताते हैं, ‘कई ग्राहक ऐसे होते हैं, जो पहली बार कर्ज मांग रहे होते हैं और उन्हें बिना कागजी झंझट के कर्ज की फौरन मंजूरी वाली बात अच्छी लगती है।’

ऑफलाइन पे लेटर
हैदराबाद की गैर बैंक ऋणदाता कंपनी विविफी इंडिया फाइनैंस ने ‘फ्लेक्सपे’ नाम की सुविधा शुरू की है, जिसमें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का इस्तेमाल कर बाद में भुतान की सुविधा दी जाती है। विविफी के मुख्य कार्य अधिकारी अनिल पिनापाला समझाते हैं, ‘यह सुविधा वेतन पाने वाले या खुद के रोजगार वाले लोगों के लिए है। इसमें ऑफलाइन खरीदारी यानी दुकानों से खरीदारी करते समय किसी भी यूपीआई क्यूआर कोड या यूपीआई आईडी को स्कैन किया जाता है और बाद में भुगतान की सुविधा दी जाती है। यह एक तरह से डिजिटल क्रेडिट कार्ड बन जाता है।’

कैसे करती है काम
सबसे पहले ग्राहकों को पे लेटर की सुविधा के लिए अपना पंजीकरण कराना पड़ता है। उसके बाद जरूरी दस्तावेज वेबसाइट पर ही अपलोड करने होते हैं। दस्तावेज पहुंचने के बाद कर्ज देने वाली कंपनी आवेदक का क्रेडिट स्कोर जांचती है। स्कोर के हिसाब से ही आवेदन मंजूर या खारिज किया जाता है। अगर आवेदन मंजूर किया जाता है तो आवेदक को बता दिया जाता है कि वह कितने रुपये तक की खरीदारी पे लेटर सुविधा के जरिये कर सकता है। खरीदारी के लिए बताई गई सीमा ही उसकी क्रेडिट लिमिट होती है।
लगता है ब्याज भी
पे लेटर से होने वाली खरीदारी पर ब्याज भी लगता है। हालांकि जो सामान नो-कॉस्ट ईएमआई की श्रेणी में आते हैं, उन्हें खरीदने पर ग्राहक को किसी तरह का ब्याज नहीं देना पड़ता। मगर भुगतान में जरा भी देर होने पर कुछ सौ रुपये का विलंब शुल्क यानी लेट पेमेंट फी देनी पड़ सकती है। कुछ ऋणदाता कंपनियां ब्याज के साथ ईएमआई की सुविधा भी देती हैं। इसमें 13 से 18 फीसदी तक की दर से ब्याज वसूला जा सकता है। कुछ कंपनियां 36 फीसदी सालाना तक का ब्याज ले सकती हैं। मगर आप अपना ऑर्डर रद्द करते हैं या सामान लौटाते हैं तो लगभग सभी कंपनियां फौरन आपकी रकम वापस कर देती हैं यानी रिफंड लटकाया नहीं जाता।
इसमें पंजीकरण बमुश्किल एक मिनट में हो जाता है और बिना किसी ओटीपी के महज एक क्लिक पर भुगतान का विकल्प भी होता है। इंडियालेंड्स के सह संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी मयंक कछवाहा कहते हैं, ‘उन लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प है, जिन्हें किसी तरह का कर्ज नहीं मिल पाता। उन लोगों के लिए भी यह बढिय़ा रास्ता है, जिन्हें कर्ज तो मिल सकता है मगर जो महज एक क्लिक में सब कुछ चाहते हैं।’ वह मानते हैं कि क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले परिपक्व ग्राहक शायद ही इस सहूलियत का इस्तेमाल करें क्योंकि कार्ड में बकाया चुकाने के लिए 45 दिन की ब्याज मुक्त अवधि मिलती है और रिवार्ड पॉइंट भी हासिल होते हैं। साथ ही अगर नियमित रूप से बकाया चुकाते रहें तो आपका क्रेडिट स्कोर भी अच्छा हो जाता है।
अब तो बैंक भी अपने कार्डों पर बाद में भुगतान की सुविधा देने लगे हैं। ऐक्सिस बैंक में कार्यकारी उपाध्यक्ष और कार्ड एवं भुगतान प्रमुख संजीव मोघे बताते हैं, ‘हम ईएमआई (मासिक किस्त) का एक कार्यक्रम चलाते हैं, जो डेबिट कार्ड के जरिये की गई खरीदारी के लिए कर्ज की तरह होता है। कर्ज में ली गई रकम रजामंदी के जरिये पहले से तय की गई किस्तों के जरिये चुकाई जाती है।’
मगर कछवाहा की सलाह है कि पे लेटर सुविधा का फायदा तभी उठाया जाए, जब उसमें किसी तरह का ब्याज नहीं वसूला जा रहा हो। ब्याज वसूला भी जा रहा हो तो उसे अच्छी तरह से परख लें। पर्सलन लोन या क्रेडिट कार्ड पर वसूली जा रही ब्याज दर से कम दर पर अगर पे लेटर सुविधा मिल रही हो तो उसे लेने में कोई बुराई नहीं है। मगर याद रहे कि इस सुविधा में कर्ज इतनी आसानी से मिल जाता है कि बगैर जरूरत भी कर्ज लेने से लोग नहीं कतराते और आखिर में कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। इसलिए पे लेटर का इस्तेमाल सोच-समझकर ही करें।

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First Published - October 26, 2020 | 12:14 AM IST

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