facebookmetapixel
30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकस

इंदौर लोक सभा सीट से पर्चा वापस लेकर भाजपा जॉइन करने वाले कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि अक्षय कांति बम और उनके पिता को हत्या के कथित प्रयास के मामले में सत्र न्यायालय के सामने हाजिर होना था।

Last Updated- May 10, 2024 | 7:31 PM IST
akshay bam

Akshay Kanti Bam Indore Lok Sabha Seat: इंदौर के एक सत्र न्यायालय ने हत्या के कथित प्रयास के 17 साल पुराने मामले में स्थानीय कारोबारी अक्षय कांति बम और उनके पिता के खिलाफ शुक्रवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया। बम, कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में इंदौर लोकसभा सीट से अपना पर्चा वापस लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामने के कारण चर्चा में हैं।

लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि बम और उनके पिता को हत्या के कथित प्रयास के मामले में सत्र न्यायालय के सामने हाजिर होना था, लेकिन उनके वकील ने अदालत में आवेदन पेश किया कि उनके पक्षकारों को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी जाए।

राठौर ने बताया कि आवेदन में कहा गया कि बम ‘‘आवश्यक कार्य’’ से शहर से बाहर हैं, जबकि उनके पिता की तबीयत खराब होने के चलते चिकित्सकों ने उन्हें आराम की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि सत्र न्यायालय ने पिता-पुत्र का आवेदन निरस्त करते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया और पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करके आठ जुलाई तक पेश करने का आदेश दिया।

लोक अभियोजक के मुताबिक, अदालत ने कहा कि दोनों आरोपियों को शुक्रवार को पेश होने का आदेश दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी वे उपस्थित नहीं हुए और वे भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के मामले में फिलहाल जमानत पर नहीं हैं।

इससे पहले, सत्र न्यायालय ने हत्या के कथित प्रयास के मामले में बम और उनके पिता को अग्रिम जमानत देने से तीन मई को इनकार कर दिया था। इंदौर के एक प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) ने पीड़ित पक्ष की अर्जी पर बम और उनके पिता के खिलाफ जमीन विवाद में 17 साल पहले एक व्यक्ति पर कथित हमले को लेकर दर्ज प्राथमिकी में भारतीय दंड विधान की धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़े जाने का 24 अप्रैल को आदेश दिया था।

जेएमएफसी ने पिता-पुत्र को सत्र न्यायालय के सामने 10 मई को पेश होने का आदेश भी दिया था। इस आदेश के महज पांच दिन बाद बम ने इंदौर के कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर अपना नाम वापस लेने का कदम उठाया था। जिस अर्जी पर बम की कानूनी मुश्किलें बढ़ी हैं, वह इंदौर से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में उनकी उम्मीदवारी घोषित होने के महज 13 दिन बाद पांच अप्रैल को दायर की गई थी।

बम को 23 मार्च की देर रात घोषित सूची में कांग्रेस उम्मीदवार बनाया गया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बम, उनके पिता कांतिलाल और अन्य लोगों के खिलाफ यूनुस पटेल नाम के व्यक्ति पर चार अक्टूबर 2007 को जमीन विवाद में हमले करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय दंड विधान की धारा 294 (गाली-गलौज), धारा 323 (मारपीट), धारा 506 (धमकाना) और अन्य संबद्ध प्रावधानों के तहत दर्ज की गई थी।

पटेल का आरोप है कि घटना के दौरान एक सुरक्षा एजेंसी के संचालक सतवीर सिंह ने अक्षय के पिता कांतिलाल के कहने पर उन पर बंदूक से गोली भी दागी थी। गोलीबारी के आरोपी सतवीर सिंह की बाद में मौत हो गई थी, जबकि मामले के दो अन्य आरोपी सोहन उर्फ सोनू और मनोज पहले से फरार हैं।

First Published - May 10, 2024 | 7:30 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट