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विश्व बैंक ने घटाया वृद्धि अनुमान

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:55 PM IST

विश्व बैंक ने आज वित्त वर्ष 2023 के लिए भारत का वृद्धि अनुमान घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया है, जबकि जनवरी में 8.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। खपत की मांग में सुस्त रिकवरी और यूक्रेन पर रूस के हमले को देखते हुए विश्व बैंक ने यह कटौती की है।
बैंक ने अपनी रिपोर्ट ‘साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस’ में कहा है, ‘श्रम बाजार में रिकवरी पूरी न होने की वजह से निजी खपत की रिकवरी में व्यवधान है और महंगाई का दबाव परिवारों की क्रय शक्ति कमजोर कर रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 पर यूक्रेन से युद्ध के नकारात्मक असर से वृद्धि दर पर असर पडऩे की संभावना है। ऐसे मेंं दूसरी छमाही में वृद्धि कमजोर होनी शुरू हो जाएगी।’
बैंक ने कहा कि यूक्रेन के साथ आगे और लंबा युद्ध खिंचने से निवेशकों में अनिश्चितता आ सकती है और दक्षिण एशिया से पूंजी प्रवाह पश्चिम के सुरक्षित ठिकानों पर हो सकता है। इसमें कहा गया है, ‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति सख्त किए जाने से विदेशी निवेशकों ने पहले ही भारत के वित्तीय बाजार से अक्टूबर 2021 से निकलना शुरू कर दिया है। पूर्वी यूरोप में हाल की प्रगति ने पूंजी का प्रवाह तेज कर दिया है और भारतीय रुपया कमजोर हुआ है। वृहद आर्थिक स्थिरता को पारदर्शी नीतियों से बल देना अहम है, अगर भारत सरकार घरेलू उधारी का सहारा लेती है।’
विश्व बैंंक ने कहा कि हालांकि दक्षिण एशिया का रूस और यूक्रेन के साथ सीमित वित्तीय संबंध है, लेकिन वैश्विक बाजारों में जिंसों के बढ़े दाम से इस साल जीडीपी वृद्धि नीचे जाने की संभावना है। 

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First Published - April 13, 2022 | 11:44 PM IST

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