facebookmetapixel
Advertisement
फरवरी में भारत के निजी क्षेत्र ने पकड़ी रफ्तार, HSBC फ्लैश PMI 59.3 के साथ तीन महीने के उच्च स्तर परबैटरी एज अ सर्विस के साथ ₹6.49 लाख में आई टाटा की पंच ईवी, ₹12 लाख से नीचे के EV सेगमेंट पर फोकसवाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान: इस साल लागू होंगे ब्रिटेन और यूरोपीय संघ सहित 5 व्यापार समझौतेदिसंबर में RBI ने की 10 अरब डॉलर की रिकॉर्ड बिकवाली, रुपये को बचाने के लिए उठाया कदमDFS सचिव का सरकारी बैंकों को निर्देश: छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज की ब्याज दर करें कमनेट FDI लगातार चौथे महीने निगेटिव, फिर भी आवक में दिखी मजबूतीRBI के नए नियमों के बाद अधिग्रहण फाइनैंसिंग के लिए जापानी बैंकों के साथ हाथ मिलाएगा SBIRBI Monthly Economic Report: मजबूत अर्थव्यवस्था व नियंत्रित महंगाई के साथ उड़ान भरने को तैयार भारतLRS के तहत विदेश भेजी जाने वाली रकम में कमी, यात्रा और शिक्षा खर्च में आई गिरावटEditorial: शहरी निकायों को रिकॉर्ड फंडिंग, लेकिन संस्थागत सुधार के बिना असर सीमित

Wage Growth: लगातार दूसरे साल भारत में बढ़ा वेतन

Advertisement

भारत में वास्तविक वेतन वृद्धि में लगातार सुधार, कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत

Last Updated- January 10, 2024 | 9:52 PM IST
BNPL (Buy Now Pay Later)

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के ताजा अध्ययन के मुताबिक 2022 में लगातार दूसरे साल भारत में वास्तविक वेतन वृद्धि पॉजिटिव बनी हुई है। इससे कोविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत मिलते हैं।

तुर्की के साथ भारत एक मात्र देश है, जहां 2020 की महामारी के बाद लगातार दूसरे साल धनात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

‘वर्ल्ड इंप्लाइमेंट ऐंड सोशल आउटलुक’ नाम से हुए अध्ययन के मुताबिक ज्यादातर जी20 देशों में उच्च महंगाई दर के कारण वास्तविक वेतन में कमी आई है, भले ही बेरोजगारी दर कम और रोजगार में वृद्धि धनात्मक रही है।

बहरहाल वैश्विक स्तर पर देखें तो जिन देशों के 2023 तक के आंकड़े उपलब्ध हैं, उनमें सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि चीन और रशियन फेडरेशन में हुई है। जी20 के इन देशों में श्रम उत्पादकता वृद्धि सबसे ज्यादा रही है। वहीं ब्राजील में 6.9 प्रतिशत, इटली में 5 प्रतिशत, इंडोनेशिया में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।

महंगाई को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश, भारत और पाकिस्तान सहित कई दक्षिण एशियाई देशों में आयात में कटौती की कवायद की गई और बिजली की कमी देखी गई। इससे औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ।

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत ने दक्षिण एशियाई क्षेत्र की वृद्धि में योगदान दिया है, जिसकी वजह निवेश में वृद्धि है।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन से इस इलाके की कुल मिलाकर आर्थिक गणित प्रभावित हुई है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि 2024 में वैश्विक बेरोजगारी की दर 5.2 प्रतिशत पर पहुंचने की संभावना है, जो 2023 में 5.1 प्रतिशत थी।

विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नौकरियों की कमी की वजह से यह अनुमान लगाया जा रहा है। साथ ही सभी आय वर्ग के देशों में श्रम बल हिस्सेदारी दर में गिरावट की संभावना है, जिसमें महिला श्रमिकों की हिस्सेदारी में आई कमी उल्लेखनीय होगी।

Advertisement
First Published - January 10, 2024 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement