facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका के एकतरफा 12.5% टैरिफ प्रस्ताव पर भारत सख्त, कहा: बातचीत से सुलझाएं व्यापारिक मुद्देइंडियन टोनर्स का बड़ा फैसला: 1 शेयर के होंगे 5 टुकड़े, 17 जुलाई को तय हुई स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट1 के बदले 2 फ्री बोनस शेयर! फॉर्मा कंपनी ने जबरदस्त मुनाफे के बाद लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेनिवेशकों के लिए खुशखबरी! मिनोल्टा फाइनेंस के 1 शेयर पर 4 नए शेयर खरीदने का मौका, रिकॉर्ड डेट फिक्सUN Women की रिपोर्ट में खुलासा: संकटग्रस्त इलाकों में 10 लाख से अधिक महिलाओं तक नहीं पहुंच रही मददट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, कहा: मुझ पर हमला हुआ तो 1000 मिसाइलों से तबाह कर देंगेसरकारी बैंकों की बंपर कमाई के बाद शेयरों में जबरदस्त उछाल, इंडियन बैंक-बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बड़ी तेजीज्यादा अल्कोहल वाली दवाओं पर सरकार सख्त, अब बिना डॉक्टर के पर्चे और लाइसेंस के नहीं मिलेगी दवाईसस्ती होंगी जगुआर लैंड रोवर जैसी लक्जरी गाड़ियां, ब्रिटेन से आने वाली कारों पर सिर्फ 10% लगेगा आयात शुल्कगिरते बाजार के जोखिम के बीच लार्जकैप फंड्स पड़े सुस्त, मिड और स्मॉलकैप फंडों का प्रदर्शन रहा शानदार!

Wage Growth: लगातार दूसरे साल भारत में बढ़ा वेतन

Advertisement

भारत में वास्तविक वेतन वृद्धि में लगातार सुधार, कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत

Last Updated- January 10, 2024 | 9:52 PM IST
BNPL (Buy Now Pay Later)

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के ताजा अध्ययन के मुताबिक 2022 में लगातार दूसरे साल भारत में वास्तविक वेतन वृद्धि पॉजिटिव बनी हुई है। इससे कोविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत मिलते हैं।

तुर्की के साथ भारत एक मात्र देश है, जहां 2020 की महामारी के बाद लगातार दूसरे साल धनात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

‘वर्ल्ड इंप्लाइमेंट ऐंड सोशल आउटलुक’ नाम से हुए अध्ययन के मुताबिक ज्यादातर जी20 देशों में उच्च महंगाई दर के कारण वास्तविक वेतन में कमी आई है, भले ही बेरोजगारी दर कम और रोजगार में वृद्धि धनात्मक रही है।

बहरहाल वैश्विक स्तर पर देखें तो जिन देशों के 2023 तक के आंकड़े उपलब्ध हैं, उनमें सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि चीन और रशियन फेडरेशन में हुई है। जी20 के इन देशों में श्रम उत्पादकता वृद्धि सबसे ज्यादा रही है। वहीं ब्राजील में 6.9 प्रतिशत, इटली में 5 प्रतिशत, इंडोनेशिया में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।

महंगाई को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश, भारत और पाकिस्तान सहित कई दक्षिण एशियाई देशों में आयात में कटौती की कवायद की गई और बिजली की कमी देखी गई। इससे औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ।

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत ने दक्षिण एशियाई क्षेत्र की वृद्धि में योगदान दिया है, जिसकी वजह निवेश में वृद्धि है।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन से इस इलाके की कुल मिलाकर आर्थिक गणित प्रभावित हुई है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि 2024 में वैश्विक बेरोजगारी की दर 5.2 प्रतिशत पर पहुंचने की संभावना है, जो 2023 में 5.1 प्रतिशत थी।

विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नौकरियों की कमी की वजह से यह अनुमान लगाया जा रहा है। साथ ही सभी आय वर्ग के देशों में श्रम बल हिस्सेदारी दर में गिरावट की संभावना है, जिसमें महिला श्रमिकों की हिस्सेदारी में आई कमी उल्लेखनीय होगी।

Advertisement
First Published - January 10, 2024 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement