भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश भेजी जाने वाली रकम में चालू वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से दिसंबर) के दौरान कमी दर्ज की गई है। यह रकम सालाना आधार पर 4.12 प्रतिशत घटकर 21.36 अरब डॉलर रह गई जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 22.28 अरब डॉलर थी।
आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भी विदेश भेजी गई राशि सालाना आधार पर 2.26 प्रतिशत घटकर 2.26 अरब डॉलर रह गई जो दिसंबर 2024 में 2.30 अरब डॉलर थी। आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना के तहत सबसे ज्यादा पैसा अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर खर्च होता है, जो कुल रकम का करीब 60 प्रतिशत है।
अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान यात्रा पर खर्च की गई राशि 4.9 प्रतिशत घटकर 12.37 अरब डॉलर रह गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 13.01 अरब डॉलर थी।
विदेश में पढ़ाई के लिए भेजी जाने वाली रकम में भी बड़ी कमी आई है और यह 22.35 प्रतिशत घटकर 1.71 अरब डॉलर रह गई जबकि पिछले साल यह 2.20 अरब डॉलर थी।