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बैटरी एज अ सर्विस के साथ ₹6.49 लाख में आई टाटा की पंच ईवी, ₹12 लाख से नीचे के EV सेगमेंट पर फोकस

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12 लाख रुपये से कम वाली श्रेणी में हर साल 30 लाख से ज्यादा यात्री वाहन बिकते हैं। लेकिन इसमें ईवी की पैठ केवल 1.5 प्रतिशत के आसपास है

Last Updated- February 20, 2026 | 10:01 PM IST
Tata Punch EV

टाटा मोटर्स अपनी इलेक्ट्रिक वाहन रणनीति को इस स्पष्ट वास्तविकता के लिहाज से तेज कर रही है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहन तब तक नहीं बढ़ेंगे, जब तक कि 12 लाख रुपये से कम वाली श्रेणी नहीं खुल जाती। कंपनी पंच डॉट ईवी के साथ अपनी पहली बैटरी-एज-अ-सर्विस (बास) पेशकश लेकर आई है ताकि ग्राहक बाजार में अन्य मॉडलों के साथ स्वामित्व की लागत की तुलना कर सकें। आगे चलकर कंपनी टियागो डॉट ईवी सहित अपने शुरुआती स्तर वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी सेवा का विकल्प पेश करेगी।

6.49 लाख रुपये से शुरु होने वाली वैकल्पिक बैटरी-एज-ए-सर्विस (बास) योजना और साथ ही 2.6 रुपये प्रति किलोमीटर के बैटरी उपयोग शुल्क के साथ 9.69 लाख रुपये (मुंबई में एक्स-शोरूम कीमत) में नई पंच डॉट ईवी उतारकर टाटा मोटर्स स्पष्ट रूप से शुरुआती श्रेणी को लक्ष्य बना रही है जिसकी यात्री वाहन श्रेणी में मांग लगभग दो-तिहाई है, लेकिन ईवी के लिए कम ही है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्र के अनुसार दामों के इस दायरे को भेदना मु​श्किल है। उन्होंने कहा, ‘12 लाख रुपये से नीचे ईवी का बाजार नाम मात्र का है।’ उन्होंने जीएसटी के सीमित फायदे, कम कीमत स्तर और कार के एकल स्वामित्व के लिए असल दुनिया की पर्याप्त रेंज पेश करने की आवश्यकता जैसी संरचनात्मक बाधाओं की ओर भी इशारा किया।

12 लाख रुपये से कम वाली श्रेणी में हर साल 30 लाख से ज्यादा यात्री वाहन बिकते हैं। लेकिन इसमें ईवी की पैठ केवल 1.5 प्रतिशत के आसपास है, जबकि 12 लाख रुपये से ज्यादा वाली श्रेणी में पैठ दमदार 10 प्रतिशत है। देश के 42 लाख यात्री वाहन बाजार में ईवी की कुल पैठ फिलहाल लगभग 4 से 5 प्रतिशत है, जिसमें टाटा मोटर्स बाजार की अगुआ है।

यही वजह है कि टाटा मोटर्स अब बास को पंच डॉट ईवी से आगे बढ़ाकर टियागो डॉट ईवी समेत शुरुआती स्तर की अन्य ईवी तक बढ़ाने के लिए तैयार है। अलबत्ता इस बारे में चंद्रा का स्पष्ट नजरिया है कि असल में बास क्या है और क्या नहीं। उन्होंने कहा, ‘यह असल में कोई सर्विस नहीं है। यह दो-ईएमआई वाली योजना है।’ उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में इसे अपनाने की दर अब भी लगभग 2 से 3 प्रतिशत स्तर है जो कम है।

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First Published - February 20, 2026 | 9:50 PM IST

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