facebookmetapixel
Advertisement
8th Pay Commission: डेटा जमा करने की तारीख खत्म, पर कब तक आएगी सैलरी बढ़ाने वाली रिपोर्ट?कोटक महिंद्रा AMC का नया इंडेक्स फंड लॉन्च, 17 अगस्त तक खुला रहेगा NFOExplainer: क्या शेयर बाजार, म्युचुअल फंड में निवेश करने वालों को भी रिटायरमेंट के लिए पेंशन स्कीम की जरूरत है?रेलवे से लेकर टैक्स, बैंकिंग तक… 1 अगस्त से हुए बदलावों का कैसे होगा असर?NRI Banking: विदेश में रहते हुए भी इस्तेमाल कर सकते हैं भारतीय मोबाइल नंबर? जानिए बैंकिंग के जरूरी नियम31 जुलाई से पहले भरा था ITR पर हो गई गलती? एक्सपर्ट से समझें कैसे कर सकते हैं सुधारRBI MPC: EMI बढ़ेगी या मिलेगी राहत? RBI की मीटिंग से क्या हैं उम्मीदेंITC Share Price: Q1 नतीजों के बाद शेयर में आई रफ्तार, 4% उछला स्टॉक; ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट प्राइसजुलाई में ज्यादा बारिश का असर, खरीफ रकबा में कमी घटकर 3% से भी कमTechnical Picks: अगले 3-4 हफ्तों में ये 3 शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई, 21% तक तेजी की उम्मीद

बैटरी एज अ सर्विस के साथ ₹6.49 लाख में आई टाटा की पंच ईवी, ₹12 लाख से नीचे के EV सेगमेंट पर फोकस

Advertisement

12 लाख रुपये से कम वाली श्रेणी में हर साल 30 लाख से ज्यादा यात्री वाहन बिकते हैं। लेकिन इसमें ईवी की पैठ केवल 1.5 प्रतिशत के आसपास है

Last Updated- February 20, 2026 | 10:01 PM IST
Tata Punch EV

टाटा मोटर्स अपनी इलेक्ट्रिक वाहन रणनीति को इस स्पष्ट वास्तविकता के लिहाज से तेज कर रही है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहन तब तक नहीं बढ़ेंगे, जब तक कि 12 लाख रुपये से कम वाली श्रेणी नहीं खुल जाती। कंपनी पंच डॉट ईवी के साथ अपनी पहली बैटरी-एज-अ-सर्विस (बास) पेशकश लेकर आई है ताकि ग्राहक बाजार में अन्य मॉडलों के साथ स्वामित्व की लागत की तुलना कर सकें। आगे चलकर कंपनी टियागो डॉट ईवी सहित अपने शुरुआती स्तर वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी सेवा का विकल्प पेश करेगी।

6.49 लाख रुपये से शुरु होने वाली वैकल्पिक बैटरी-एज-ए-सर्विस (बास) योजना और साथ ही 2.6 रुपये प्रति किलोमीटर के बैटरी उपयोग शुल्क के साथ 9.69 लाख रुपये (मुंबई में एक्स-शोरूम कीमत) में नई पंच डॉट ईवी उतारकर टाटा मोटर्स स्पष्ट रूप से शुरुआती श्रेणी को लक्ष्य बना रही है जिसकी यात्री वाहन श्रेणी में मांग लगभग दो-तिहाई है, लेकिन ईवी के लिए कम ही है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्र के अनुसार दामों के इस दायरे को भेदना मु​श्किल है। उन्होंने कहा, ‘12 लाख रुपये से नीचे ईवी का बाजार नाम मात्र का है।’ उन्होंने जीएसटी के सीमित फायदे, कम कीमत स्तर और कार के एकल स्वामित्व के लिए असल दुनिया की पर्याप्त रेंज पेश करने की आवश्यकता जैसी संरचनात्मक बाधाओं की ओर भी इशारा किया।

12 लाख रुपये से कम वाली श्रेणी में हर साल 30 लाख से ज्यादा यात्री वाहन बिकते हैं। लेकिन इसमें ईवी की पैठ केवल 1.5 प्रतिशत के आसपास है, जबकि 12 लाख रुपये से ज्यादा वाली श्रेणी में पैठ दमदार 10 प्रतिशत है। देश के 42 लाख यात्री वाहन बाजार में ईवी की कुल पैठ फिलहाल लगभग 4 से 5 प्रतिशत है, जिसमें टाटा मोटर्स बाजार की अगुआ है।

यही वजह है कि टाटा मोटर्स अब बास को पंच डॉट ईवी से आगे बढ़ाकर टियागो डॉट ईवी समेत शुरुआती स्तर की अन्य ईवी तक बढ़ाने के लिए तैयार है। अलबत्ता इस बारे में चंद्रा का स्पष्ट नजरिया है कि असल में बास क्या है और क्या नहीं। उन्होंने कहा, ‘यह असल में कोई सर्विस नहीं है। यह दो-ईएमआई वाली योजना है।’ उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में इसे अपनाने की दर अब भी लगभग 2 से 3 प्रतिशत स्तर है जो कम है।

Advertisement
First Published - February 20, 2026 | 9:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement