facebookmetapixel
Visa फ्लेक्स जल्द ही भारत में आएगा, एक ही कार्ड से डेबिट और क्रेडिट दोनों का मिलेगा लाभबिकवाली और आयातकों की मांग से रुपया डॉलर के मुकाबले 91.96 पर, एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बनीIndusInd Bank Q3 Results: मुनाफे पर पड़ा भारी असर, लाभ 91% घटकर ₹128 करोड़ पर पहुंचाविदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्जपेमेंट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड खत्म होने से फिनटेक फर्मों के राजस्व पर मामूली असर भारत ब्राजील से तेल की खरीद दोगुनी करेगा, BPCL-पेट्रोब्रास 78 करोड़ डॉलर के समझौते पर करेंगे हस्ताक्षरअमीर निवेशकों की पसंद बने AIF, निवेश प्रतिबद्धता 16 लाख करोड़ रुपये के पारमुक्त व्यापार समझौते के करीब भारत और यूरोपीय यूनियन, 27 जनवरी को हो सकता है बड़ा ऐलानभू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना, चांदी और प्लैटिनम रिकॉर्ड स्तर परमुनाफे में 8% उछाल के साथ इंडियन बैंक की दमदार तिमाही, MD बोले: हम बिल्कुल सही रास्ते पर

State tax share: राज्यों को 1.73 लाख करोड़ रुपये करों का हिस्सा मिला

पिछले महीने की तुलना में राशि लगभग दोगुनी, यूपी, बिहार, एमपी और बंगाल को सबसे अधिक आवंटन

Last Updated- January 10, 2025 | 10:49 PM IST
indian currency

केंद्र ने शुक्रवार को राज्य सरकारों को करों के हिस्से के रूप में 1.73 लाख करोड़ रुपये जारी किए, जबकि इस मद में दिसंबर, 2024 में 89,086 करोड़ रुपये दिए गए थे। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में बताया, ‘इस महीने अधिक राशि हस्तांतरित की गई है। इससे राज्य अपने पूंजीगत व्यय को बढ़ा सकते हैं और विकास व कल्याणकारी कार्यों से संबंधित व्यय के लिए धन मुहैया करा सकते हैं।’

उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल को सबसे ज्यादा धन आवंटित किया गया है। मौजूदा वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 25) के बजट अनुमान में करों में राज्यों की हिस्सेदारी 12.2 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान जताया गया है और यह वित्त वर्ष 24 के संशोधित अनुमान से 10.4 फीसदी अधिक है। मानक यह है कि राज्यों को विभाज्य कर पूल से राशि 14 सालाना किश्तों में जारी की जाती हैं – इस क्रम में 11 महीनों में 11 किश्तें और मार्च में तीन किश्तें जारी की जाती हैं।

दरअसल, जम्मू और कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के बाद 15वें वित्त आयोग की अंतिम रिपोर्ट में राज्यों को करों से 41 फीसदी राशि स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई थी। इससे पहले 14वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों में से 42 फीसदी राज्यों को स्थानांतरित करने की सिफारिश की थी। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए उपकर और अधिभार के कारण राज्यों का हिस्सा और कम हो सकता है।

इसका कारण यह है कि उपकर और अधिभार राज्यों से साझा नहीं किए जाते हैं। राज्यों को हस्तांतरित की जाने वाली राशि में सकारात्मक रुझान नजर आया था। लेखा महानियंत्रक के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 25 में अप्रैल से नवंबर के दौरान राज्यों को हस्तांतरित कर में सालाना 5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। अनुमान यह है कि वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 25 में पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को ब्याज मुक्त पूंजीगत व्यय ऋण देने के मानदडों में रियायत दे सकता है।

First Published - January 10, 2025 | 10:49 PM IST

संबंधित पोस्ट