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स्वैप अनुबंध की उम्मीद से रुपये में मजबूती बरकरार

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केंद्रीय बैंक द्वारा स्वैप की संभावना से डॉलर की मांग में कमी

Last Updated- October 23, 2023 | 10:16 PM IST
Rupee and Dollar

हाजिर बाजार में रुपया स्थिर बना रहा और वायदा प्रीमियम में भी उतनी गिरावट नहीं आई, जितना सोमवार को अनुमान जताया गया था, क्योंकि आरबीआई द्वारा 5 अरब डॉलर के स्वैप की संभावना है।

डीलरों का कहना है कि यदि आरबीआई ने बिक्री/खरीद स्वैप को परिपक्व होने और सोमवार को 5 अरब डॉलर प्राप्त करने की अनुमति दी होती, तो इसके परिणामस्वरूप व्यवस्था में डॉलर की भारी कमी हो सकती थी, जिससे अमेरिकी मुद्रा के लिए मांग में इजाफा हो जाता।

रुपया सोमवार को डॉलर की तुलना में 83.19 पर बंद हुआ, जबकि शुक्रवार को यह 83.12 पर था। पिछले वर्ष अप्रैल के दौरान, जब आरबीआई ने सेल/बाई स्वैप को क्रियान्वित किया था तो भारतीय मुद्रा रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से अपने ऐतिहासिक निचले स्तर के आसपास मंडरा रही थी। स्वैप खरीद-बिक्री की घोषणा के बाद, एक वर्षीय फॉर्वर्ड डॉलर/रुपये पर प्रीमियम काफी बढ़ गया था।

एक वर्षीय डॉलर/रुपया वायदा अनुबंध पर प्रीमियम सोमवार को 1.66 प्रतिशत पर था, जो शुक्रवार को 1.69 प्रतिशत था। यदि स्वैप की परिपक्वता को आगामी तारीख तक बढ़ाया जाता है तो इससे प्रीमियम में बड़ी गिरावट थम सकती है।

स्थानीय मुद्रा दिन के दौरान 83.11 से 83.18 रुपये प्रति डॉलर के दायरे में रही। बाजार कारोबारियों का मानना है कि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर बना रहेगा, लेकिन माना जा रहा है कि यदि केंद्रीय बैंक समय पर हस्तक्षेप करे तो भारतीय मुद्रा 83.28 प्रति डॉलर के आसपास पहुंच सकती है।

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First Published - October 23, 2023 | 10:16 PM IST

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