facebookmetapixel
Advertisement
बंगाल में चुनावी महासंग्राम का शंखनाद: भवानीपुर में फिर ममता बनाम शुभेंदु, राज्य का सियासी पारा हाईटीमलीज की रिपोर्ट में खुलासा: डिग्रियों की बाढ़ पर रोजगार का सूखा, केवल 20% कॉलेजों में बेहतर प्लेसमेंटभारत-रूस दोस्ती का नया रिकॉर्ड: 2030 तक $100 अरब के व्यापार का लक्ष्य, ट्रेड की राह से हटेंगी सारी बाधाएंट्रंप के एक फैसले से ‘टूटा’ तेल: ईरान पर हमले रुकने की खबर से 10% गिरे दाम, भारत के लिए बड़ी राहतCBDC के सीमा पार लेनदेन का बढ़ेगा दायरा, आरबीआई ने तैयार किया रोडमैपRupee Crash Explained: क्यों गिर रहा है रुपया और क्या 100 तक जाएगा?SIDBI को रास नहीं आई निवेशकों की मांग: ₹6,000 करोड़ के बॉन्ड जारी करने का फैसला लिया वापसहोर्मुज संकट से LPG की किल्लत कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं, अप्रैल में भी राहत के आसार कमकच्चे तेल की चिंता में शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1,837 अंक टूटा; निफ्टी 602 अंक फिसला बैंकों में नकदी की किल्लत: टैक्स और GST भुगतान से बैंकिंग सिस्टम में ₹3 लाख करोड़ की बड़ी कमी

बैंकों से उधारी निर्भरता घटाएं NBFC: RBI

Advertisement

RBI ने बयान में बताया कि आवासीय वित्त कंपनियों सहित सभी NBFC के की कुल संपत्ति में इन NBFC की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है

Last Updated- August 25, 2023 | 11:04 PM IST
RBI MPC meet LIVE: Will RBI Guv Shaktikanta Das throw another surprise?

आरबीआई ने आवासीय वित्त कंपनियों सहित गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) से शुक्रवार को कहा कि वे बैंकों से उधारी पर निर्भरता कम करें। केंद्रीय बैंक ने एनबीएफसी को बढ़ते असुरक्षित खुदरा ऋण के जोखिम से भी सचेत किया गया।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगणों ने यहां आवासीय वित्त कंपनियों सहित चुनिंदा एनबीएफसी के प्रमुखों से मुलाकात की। इस मौके पर आरबीआई के उप गवर्नर राजेश्वर राव व स्वामीनाथन जे सहित नैशनल हाउसिंग बैंक (NHB) के प्रबंध निदेशक ए. के. होता भी उपस्थित थे।

RBI ने बयान में बताया कि आवासीय वित्त कंपनियों सहित सभी NBFC के की कुल संपत्ति में इन NBFC की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है।

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक बीते कुछ वर्षों में एनबीएफसी की उधारी तेज गति से बढ़ रही है। इस क्रम में 30 सितंबर, 2022 को एनबीएफसी की बैंकों से उधारी सालाना आधार पर 26.4 प्रतिशत बढ़ी जबकि यह मार्च, 2022 में 16.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।

केंद्रीय बैंक के बयान के मुताबिक आरबीआई गवर्नर ने बैंकिंग सुविधा से वंचित क्षेत्रों में कर्ज मुहैया कराने में एनबीएफसी की भूमिका को अहम करार दिया।

उन्होंने एनबीएफसी को किसी भी तरह की शिथिलता से बचने की हिदायत भी दी। गवर्नर ने एनबीएफसी कंपनियों से अपने संचालन मानकों एवं आश्वासन व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर ध्यान देने को कहा। इनमें नियमों का अनुपालन, जोखिम प्रबंधन और आंतरिक ऑडिट जैसे पहलू शामिल हैं।

इस बैठक में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और आवासीय वित्त कंपनियों के लिए संसाधनों में विविधता लाने पर भी चर्चा की गई ताकि बैंकों से उधारी लेने पर उनकी निर्भरता को कम किया जा सके। इसके अलावा असुरक्षित खुदरा कर्ज खंड में उच्च वृद्धि से जुड़े जोखिम और सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली एवं साइबर सुरक्षा को उन्नत करने पर भी जोर दिया गया।

मार्च, 2022 में खुदरा क्षेत्र में एनबीएफसी के उधारी देने में सालाना आधार पर केवल पांच प्रतिशत वृद्धि हुई। इस क्रम में उपभोक्ता ऋण में 33.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। हालांकि गैर खाद्य ऋण श्रेणी में 25.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

Advertisement
First Published - August 25, 2023 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement