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RBI MPC Meet: FY26 के लिए 6.5% GDP ग्रोथ का अनुमान, 3.7% पर आ सकती है रिटेल महंगाई दर

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि महंगाई दर में सुधार की संभावना है और आर्थिक वृद्धि स्थिर रहने की उम्मीद है।

Last Updated- June 06, 2025 | 11:21 AM IST
GDP Growth

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 4 से 6 जून तक चली। बैठक के अंतिम दिन यानी 6 जून को RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश की आर्थिक स्थिति और महंगाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश की महंगाई दर अब RBI के तय मानकों से काफी नीचे आ चुकी है। अक्टूबर 2024 में जहां महंगाई 6% से ऊपर थी, अप्रैल 2025 तक यह घटकर 3.2% तक आ गई है। इसी कारण इस वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान 4% से घटाकर 3.7% कर दिया गया है।

महंगाई में गिरावट, खासकर खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में बदलाव

RBI गवर्नर ने बताया कि महंगाई में आई यह गिरावट मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतें कम होने की वजह से आई है। हालांकि, मार्च और अप्रैल में LPG और अन्य ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ईंधन की महंगाई में थोड़ा बढ़ाव देखा गया। कोर महंगाई (Core Inflation) स्थिर बनी रही, जिससे महंगाई पर नियंत्रण बना हुआ है।

GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% पर बरकरार

गवर्नर ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर के बारे में भी बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में GDP ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान है। पहले तीन महीनों (Q1) में 6.5%, दूसरे (Q2) में 6.7%, तीसरे (Q3) में 6.6% और चौथे (Q4) में 6.3% की वृद्धि की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि निजी खपत और निवेश को बढ़ावा देना आवश्यक है ताकि आर्थिक विकास की गति बनी रहे।

वैश्विक माहौल और व्यापार की स्थिति

RBI गवर्नर ने कहा कि वैश्विक व्यापार नीति में अनिश्चितता के कारण निर्यात पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते और अन्य देशों के साथ प्रगति व्यापार को बढ़ावा दे रही है। कृषि क्षेत्र में अच्छी फसल की उम्मीद और सेवा क्षेत्र में निरंतर तेजी बनी रहने से आर्थिक स्थिति मजबूत बनी है। लेकिन वैश्विक तनाव और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताएं विकास के लिए जोखिम हैं।

First Published - June 6, 2025 | 11:21 AM IST

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