facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलर, 2026 में भी अधिग्रहण पर रहेगा जोरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

RBI MPC Meet: इंक्रीमेंटल CRR से एक लाख करोड़ रुपये से अतिरिक्त नकदी निकलेगी- आरबीआई गवर्नर

बैंकों के पास पर्याप्त नकदी है और वे कर्ज गतिविधियों को जारी रख सकते हैं।

Last Updated- August 10, 2023 | 3:17 PM IST
Tata Communications profit growth

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि सीमित अवधि के लिये 10 प्रतिशत ‘वृद्धिशील’ नकद आरक्षित अनुपात (इंक्रीमेंटल CRR) से बैंकों से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की नकदी निकालने में मदद मिलेगी। मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) की घोषणा के बाद दास ने संवाददाताओं से कहा कि मौजूदा परिस्थिति में यह बेहतर कदम है।

बैंकों के पास पर्याप्त नकदी

बैंकों के पास पर्याप्त नकदी है और वे कर्ज गतिविधियों को जारी रख सकते हैं। द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में उन्होंने कहा कि इस साल 19 मई से 2,000 रुपये के नोट बैंकों में वापस आने से नकदी बढ़ी है। इसको देखते हुए यह कदम उठाया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या इसमें HDFC बैंक के साथ HDFC लि. के विलय का प्रभाव भी शामिल होगा, दास ने कहा कि यह कदम सभी अनुसूचित बैंकों पर लागू है।

Also read: RBI ने Repo rate को 6.5% पर बरकरार रखा, महंगाई का अनुमान बढ़ाया

सब्जियों के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ी

दास ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई में हाल में हुई वृद्धि का कारण खाद्य वस्तुओं की महंगाई है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम पूर्व के अनुभव को देखें, तो सब्जियों के दाम में कुछ महीनों में सुधार का रुख देखने को मिल सकता है। इसके अलावा मॉनसून की अच्छी प्रगति से खरीफ फसलों की स्थिति बेहतर है।’

दास ने कहा कि हालांकि अगर ये चीजें लंबे समय तक बनी रहती हैं तो RBI कदम उठाएगा। इसके लिये केवल दर में बढ़ोतरी की जरूरत नहीं है बल्कि इंक्रीमेंटल CRR की तरह के और कदम हो सकते हैं।

First Published - August 10, 2023 | 3:17 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट