facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

बीते साल विलय एवं अधिगहण, अन्य कॉरपोरेट सौदे महामारी-पूर्व के स्तर से पार : रिपोर्ट

Last Updated- January 29, 2023 | 6:31 PM IST
macrotech developers

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत में विलय एवं अधिग्रहण (Mergers and acquisitions) तथा अन्य कॉरपोरेट सौदे 2022 में मूल्य के लिहाज से 2021 की तुलना में 29 फीसदी बढ़कर कोविड-पूर्व के स्तर से अधिक 159 अरब डॉलर पर पहुंच गए। इस दौरान कुल 2,103 लेनदेन हुए।

PWC की रिपोर्ट ‘भारत में सौदे: वार्षिक समीक्षा 2022’ में कहा गया है कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रुख के उलट भारत में कॉरपोरेट सौदों में स्थिरता देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, विलय एवं अधिग्रहणों का कुल सौदा मूल्य में उल्लेखनीय हिस्सा रहा।

विलय एवं अधिग्रहण के 20 से अधिक 107 अरब डॉलर के सौदे हुए। यह 2021 की तुलना में लगभग दोगुना है। इसमें कहा गया है, ‘HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक विलय के 60 अरब डॉलर सौदे को यदि अलग कर दिया जाए, तो सौदा मूल्य 2021 की तुलना में लगभग 15 फीसदी कम है। वहीं निजी इक्विटी (PE) निवेश 2021 की तुलना में 22 फीसदी कम यानी 52 अरब डॉलर रहा। हालांकि, मूल्य और मात्रा के संदर्भ में यह पिछले तीन साल की तुलना में 20 फीसदी अधिक है।’

PWC इंडिया के भागीदार और लीडर-सौदे दिनेश अरोड़ा ने कहा, ‘2022 में हमने देखा कि भारत पर निवेशकों का दृष्टिकोण दीर्घकालिक है। हालांकि, मौजूदा बाजार में सुस्ती है, लेकिन इससे किसी को अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

यह भी पढ़ेें: IOC ने लॉन्च किया गया स्वदेशी विमान ईंधन, पापुआ न्यू गिनी भेजी गई पहली खेप

हमारा मानना है कि विलय एवं अधिग्रहण कंपनियों के लिए आगे बढ़ने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को एकीकृत करने, व्यवधान को मात देने और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक आवश्यक माध्यम होगा।’ रिपोर्ट में विलय एवं अधिग्रहण गतिविधियों पर कहा गया है कि पिछले साल कुल सौदा मूल्य में घरेलू सौदों का हिस्सा 72 फीसदी रहा। यदि इसमें HDFC के विलय सौदे को भी शामिल किया जाए, तो यह आंकड़ा 88 फीसदी हो जाएगा।

First Published - January 29, 2023 | 6:31 PM IST

संबंधित पोस्ट