facebookmetapixel
माघ मेले में शंकराचार्य के स्नान को लेकर घमासान, प्रशासन ने भेजा दूसरा नोटिस; यूपी सीएम का तंजMotilal Oswal MF ने उतारा नया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड, ₹500 से निवेश शुरू; किसे करना चाहिए निवेशBudget 2026: रियल एस्टेट की बजट में होम लोन ब्याज छूट व अफोर्डेबल हाउसिंग सीमा बढ़ाने की मांगIndiGo Q3FY26 Results: फ्लाइट कैंसिलेशन का दिखा असर,मुनाफा 78% घटकर ₹549.1 करोड़ पर आयाGroww MF ने लॉन्च किया Nifty PSE ETF, ₹500 से सरकारी कंपनियों में निवेश का शानदार मौका!क्या बजट 2026 घटाएगा आपका म्युचुअल फंड टैक्स? AMFI ने सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगेंसिर्फ 64 रुपये का है ये SmallCap Stock, ब्रोकरेज ने कहा – ₹81 तक जा सकता है भाव; खरीद लेंRadico Khaitan Q3 Results: प्रीमियम ब्रांड्स की मांग से कमाई को मिली रफ्तार, मुनाफा 62% उछला; शेयर 5% चढ़ारूसी तेल फिर खरीदेगी मुकेश अंबानी की रिलायंस, फरवरी-मार्च में फिर आएंगी खेपें: रिपोर्ट्सSwiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्ट

बीते साल विलय एवं अधिगहण, अन्य कॉरपोरेट सौदे महामारी-पूर्व के स्तर से पार : रिपोर्ट

Last Updated- January 29, 2023 | 6:31 PM IST
macrotech developers

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत में विलय एवं अधिग्रहण (Mergers and acquisitions) तथा अन्य कॉरपोरेट सौदे 2022 में मूल्य के लिहाज से 2021 की तुलना में 29 फीसदी बढ़कर कोविड-पूर्व के स्तर से अधिक 159 अरब डॉलर पर पहुंच गए। इस दौरान कुल 2,103 लेनदेन हुए।

PWC की रिपोर्ट ‘भारत में सौदे: वार्षिक समीक्षा 2022’ में कहा गया है कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रुख के उलट भारत में कॉरपोरेट सौदों में स्थिरता देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, विलय एवं अधिग्रहणों का कुल सौदा मूल्य में उल्लेखनीय हिस्सा रहा।

विलय एवं अधिग्रहण के 20 से अधिक 107 अरब डॉलर के सौदे हुए। यह 2021 की तुलना में लगभग दोगुना है। इसमें कहा गया है, ‘HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक विलय के 60 अरब डॉलर सौदे को यदि अलग कर दिया जाए, तो सौदा मूल्य 2021 की तुलना में लगभग 15 फीसदी कम है। वहीं निजी इक्विटी (PE) निवेश 2021 की तुलना में 22 फीसदी कम यानी 52 अरब डॉलर रहा। हालांकि, मूल्य और मात्रा के संदर्भ में यह पिछले तीन साल की तुलना में 20 फीसदी अधिक है।’

PWC इंडिया के भागीदार और लीडर-सौदे दिनेश अरोड़ा ने कहा, ‘2022 में हमने देखा कि भारत पर निवेशकों का दृष्टिकोण दीर्घकालिक है। हालांकि, मौजूदा बाजार में सुस्ती है, लेकिन इससे किसी को अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

यह भी पढ़ेें: IOC ने लॉन्च किया गया स्वदेशी विमान ईंधन, पापुआ न्यू गिनी भेजी गई पहली खेप

हमारा मानना है कि विलय एवं अधिग्रहण कंपनियों के लिए आगे बढ़ने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को एकीकृत करने, व्यवधान को मात देने और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक आवश्यक माध्यम होगा।’ रिपोर्ट में विलय एवं अधिग्रहण गतिविधियों पर कहा गया है कि पिछले साल कुल सौदा मूल्य में घरेलू सौदों का हिस्सा 72 फीसदी रहा। यदि इसमें HDFC के विलय सौदे को भी शामिल किया जाए, तो यह आंकड़ा 88 फीसदी हो जाएगा।

First Published - January 29, 2023 | 6:31 PM IST

संबंधित पोस्ट