facebookmetapixel
‘बुरे पड़ोसियों से रक्षा करने का पूरा अधिकार’, बोले जयशंकर: आतंक फैलाने वाले को पानी मांगने का कोई हक नहींकंपनियों की डॉलर मांग से रुपया ​फिर 90 के पार, आरबीआई की पकड़ ढीलीStock Market: आय सुधार की उम्मीदों से नई ऊंचाई पर निफ्टी, सेंसेक्स भी मजबूती के साथ बंदएक्सचेंजों और अन्य बाजार संस्थाओं के लिए बन रहा तकनीकी रोडमैप, निगरानी में AI के बढ़ते इस्तेमाल पर जोर2025 में अरबपतियों का ठिकाना बनी मुंबई, 7,186 करोड़ रुपये में 51 महलनुमा घर धनकुबेरों ने खरीदेगिफ्ट सिटी को ग्लोबल जिंस ट्रेडिंग सेंटर बनाने की तैयारी, IFSC ने बड़े नियामकीय बदलाव की मांग कीदिल्ली हवाई अड्डे की घटना से आगे: बढ़ता यात्री असंतोष और भारत की विमानन प्रणाली पर दबावदिग्विजय सिंह की वैचारिक उलझनें: नर्म हिंदुत्व, आरएसएस विरोध और कांग्रेस की पहचान का संकटसेबी के सरप्लस पर सीमा क्यों? बाजार नियामक की ताकत कमजोर होने का खतराप्रीमियम चूका? पॉलिसी हो गई बंद! LIC के खास ऑफर से करें रिवाइव, लेट फीस में 30% तक की छूट

भारत अमेरिका के खेल में न फंसे: जेफरी सैक्स

चीन से टकराव में भारत को मोहरे की तरह इस्तेमाल करना चाहता है अमेरिका, सैक्स की चेतावनी

Last Updated- April 09, 2025 | 11:03 PM IST
India-US

जाने माने अर्थशास्त्री और संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) में सलाहकार प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने खासकर चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत को अमेरिका की भूराजनीतिक रणनीतियों में उलझने को लेकर आगाह किया है। राइजिंग भारत समिट 2025 को संबोधित करते हुए बुधवार को सैक्स ने कहा कि भारत को चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिका की रणनीति में खुद को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए।

सैक्स ने अमेरिका व चीन की दुश्मनी में भारत को प्यादा बनने को लेकर आगाह किया है। सैक्स ने कहा कि अमेरिका चाहता है भारत, चीन की आलोचना करे। उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम व्यापक अमेरिकी एजेंडे का हिस्सा है। उन्होंने भारत से अनुरोध किया कि वह अपनी विदेश नीति तैयार करे।

सैक्स ने कहा, ‘चीन से निपटने के लिए अमेरिका, भारत का इस्तेमाल करना चाहता है। अमेरिकी खेल में मत फंसिए। भारत अमेरिका के खेल के लिए बहुत बड़ा है।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से अपने वैश्विक प्रभाव को बनाए रखने के लिए देशों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश करता रहा है, तथा अब भारत को चीन के प्रतिकार के रूप में पेश किया जा रहा है। सैक्स ने कहा, ‘अमेरिका साफतौर पर भारत का इस्तेमाल करना चाहता है। वह चीन को हराने के लिए भारत का इस्तेमाल करना चाहता है।’

सैक्स ने कहा कि भारत और चीन का अपना विवाद है, लेकिन उन्होंने सुझाव दिया कि आपस में विवाद सुलझा लेना दोनों देशों के हित में है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलाकर विश्व की आबादी का 40 प्रतिशत हैं और दोनों मिलकर विश्व की बेहतर मदद कर सकते है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘आप इसमें न फंसें।’सैक्स ने क्वाड जैसे संगठन में भारत के सक्रिय होने की भी आलोचना की और कहा कि ये गठजोड़ अमेरिका के हितों के लिए हैं। सैक्स ने चेतावनी दी कि अमेरिका वैश्विक प्रभुत्व खोने के गहरे डर से प्रेरित है। उन्होंने अमेरिकी विदेश नीति को नियंत्रण पर केंद्रित बताया, जो अक्सर अपने सहयोगियों की कीमत पर होती है। सैक्स ने टिप्पणी की, ‘यदि आप अमेरिका के मित्र हैं, तो सावधान रहें। बहुत खतरनाक है।’

उन्होंने कहा कि मैंने अपना पूरा जीवन अमेरिका में उन देशों के साथ मित्रता की घोषणा करते हुए बिताया है जो उस अद्भुत मित्रता के कारण ही नष्ट हो गए। सैक्स ने कहा कि उपनिवेश होने के इतिहास के बावजूद भारत और चीन बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा, ‘अंग्रेजों के आने के पहले भारत विश्व की सबसे बड़ी या दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश था।’सैक्स ने कहा कि जैसे जैसे भारत वैश्विक आर्थिक सीढ़ियां चढ़ेगा, उसे अमेरिका की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है, जैसा वर्तमान में चीन के साथ हो रहा है।

भूराजनीतिक तनावों के बावजूद सैक्स ने भारत के भविष्य को लेकर आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘भारत शानदार कर रहा है।’ उन्होंने तेज विकास के लिए देश के नेतृत्व और नीतियों को श्रेय दिया। उन्होंने भविष्वाणी की कि 10 से 15 साल में भारत, अमेरिका को पीछे छोड़कर विश्व की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

First Published - April 9, 2025 | 11:00 PM IST

संबंधित पोस्ट