facebookmetapixel
Advertisement
Axis MF ने लॉन्च किया ‘Axis Account Plus’, कंपनियां अब खाली पड़े पैसे पर भी कमा सकेंगी रिटर्नबाहरी खतरों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, लेकिन हर जोखिम पर रहेगी पैनी नजर: संजय मल्होत्राRBI FSR 2026: बाहरी झटकों के बावजूद घरेलू फाइनैंशियल सिस्टम मजबूत, AI आधारित साइबर हमले सबसे बड़ा खतराDelhi EV Policy: आपकी पेट्रोल-डीजल, CNG कार नहीं चलेगी? जानिए ऐसे 9 सवालों के जवाबExplainer: जमीन बेचने से हुई कमाई? जानें ‘लैंड सेल’ को लेकर क्या हैं टैक्स के नियम, नहीं तो होगी मुश्किलNoel Tata resign: एक हफ्ते में दूसरा बड़ा कदम, ट्रेंट के बाद वोल्टास को भी अलविदा कहेंगे नोएल टाटाJio IPO के पीछे का सीक्रेट मिशन! मुकेश अंबानी का ‘Project Jupiter’ क्या था?ITR Status Check: ITR फाइल के बाद खुद अपना इनकम टैक्स रिटर्न स्टेटस करें ट्रैक, जानें स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीकाNFO Alert: ICICI PRU MF की 2 नई स्कीम लॉन्च, ₹500 से हाइब्रिड और मल्टी एसेट फंड में निवेश का मौकापश्चिम एशिया संकट की मार! भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुस्ती के संकेत: FICCI सर्वे

भारत अमेरिका के खेल में न फंसे: जेफरी सैक्स

Advertisement

चीन से टकराव में भारत को मोहरे की तरह इस्तेमाल करना चाहता है अमेरिका, सैक्स की चेतावनी

Last Updated- April 09, 2025 | 11:03 PM IST
India-US

जाने माने अर्थशास्त्री और संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) में सलाहकार प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने खासकर चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत को अमेरिका की भूराजनीतिक रणनीतियों में उलझने को लेकर आगाह किया है। राइजिंग भारत समिट 2025 को संबोधित करते हुए बुधवार को सैक्स ने कहा कि भारत को चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिका की रणनीति में खुद को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए।

सैक्स ने अमेरिका व चीन की दुश्मनी में भारत को प्यादा बनने को लेकर आगाह किया है। सैक्स ने कहा कि अमेरिका चाहता है भारत, चीन की आलोचना करे। उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम व्यापक अमेरिकी एजेंडे का हिस्सा है। उन्होंने भारत से अनुरोध किया कि वह अपनी विदेश नीति तैयार करे।

सैक्स ने कहा, ‘चीन से निपटने के लिए अमेरिका, भारत का इस्तेमाल करना चाहता है। अमेरिकी खेल में मत फंसिए। भारत अमेरिका के खेल के लिए बहुत बड़ा है।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से अपने वैश्विक प्रभाव को बनाए रखने के लिए देशों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश करता रहा है, तथा अब भारत को चीन के प्रतिकार के रूप में पेश किया जा रहा है। सैक्स ने कहा, ‘अमेरिका साफतौर पर भारत का इस्तेमाल करना चाहता है। वह चीन को हराने के लिए भारत का इस्तेमाल करना चाहता है।’

सैक्स ने कहा कि भारत और चीन का अपना विवाद है, लेकिन उन्होंने सुझाव दिया कि आपस में विवाद सुलझा लेना दोनों देशों के हित में है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलाकर विश्व की आबादी का 40 प्रतिशत हैं और दोनों मिलकर विश्व की बेहतर मदद कर सकते है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘आप इसमें न फंसें।’सैक्स ने क्वाड जैसे संगठन में भारत के सक्रिय होने की भी आलोचना की और कहा कि ये गठजोड़ अमेरिका के हितों के लिए हैं। सैक्स ने चेतावनी दी कि अमेरिका वैश्विक प्रभुत्व खोने के गहरे डर से प्रेरित है। उन्होंने अमेरिकी विदेश नीति को नियंत्रण पर केंद्रित बताया, जो अक्सर अपने सहयोगियों की कीमत पर होती है। सैक्स ने टिप्पणी की, ‘यदि आप अमेरिका के मित्र हैं, तो सावधान रहें। बहुत खतरनाक है।’

उन्होंने कहा कि मैंने अपना पूरा जीवन अमेरिका में उन देशों के साथ मित्रता की घोषणा करते हुए बिताया है जो उस अद्भुत मित्रता के कारण ही नष्ट हो गए। सैक्स ने कहा कि उपनिवेश होने के इतिहास के बावजूद भारत और चीन बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा, ‘अंग्रेजों के आने के पहले भारत विश्व की सबसे बड़ी या दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश था।’सैक्स ने कहा कि जैसे जैसे भारत वैश्विक आर्थिक सीढ़ियां चढ़ेगा, उसे अमेरिका की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है, जैसा वर्तमान में चीन के साथ हो रहा है।

भूराजनीतिक तनावों के बावजूद सैक्स ने भारत के भविष्य को लेकर आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘भारत शानदार कर रहा है।’ उन्होंने तेज विकास के लिए देश के नेतृत्व और नीतियों को श्रेय दिया। उन्होंने भविष्वाणी की कि 10 से 15 साल में भारत, अमेरिका को पीछे छोड़कर विश्व की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

Advertisement
First Published - April 9, 2025 | 11:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement