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Inflation: लंबे समय तक बनी रह सकती है महंगाई

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आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने और जीवन स्तर ऊंचा करने के लिए वृद्धि को गति देने वाले सुधारों की जरूरत है।

Last Updated- July 18, 2023 | 10:16 PM IST
retail inflation

मध्यावधि में वृद्धि के हिसाब से वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) कमजोर बनी हुई है और खाद्यान्न और उर्वरकों की बढ़ी कीमतें चिंता का विषय हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीना जार्जीवा ने गुरुवार को एक बयान में यह कहा है।

जार्जीवा ने कहा कि महंगाई लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रह सकती है और इसके लिए और ज्यादा मौद्रिक नीति की सख्ती की जरूरत पड़ सकती है।

सार्वजनिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारत की सफलता का हवाला देते हुए आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने और जीवन स्तर ऊंचा करने के लिए वृद्धि को गति देने वाले सुधारों की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘सुधार की इन कवायदों को समर्थन देने के लिए घरेलू संसाधन जुटाकर, देश के व्यय की गुणवत्ता में सुधार करके, बेहतर पूंजी बाजार बनाकर और घरेलू व विदेशी दोनों तरह के निवेश के लिए निजी निवेश के वातावरण में सुधार करके धन मुहैया कराने की जरूरत है।’

शीर्ष प्राथमिकता महंगाई में स्थाई कमी लाने की होनी चाहिए: जार्जीवा 

जी-20 के नेताओं को मध्यावधि के हिसाब से वैश्विक अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने की अपील करते हुए जार्जीवा ने कहा कि शीर्ष प्राथमिकता महंगाई में स्थाई कमी लाने की होनी चाहिए और मौद्रिक कदम तब तक उठाने की जरूरत है, जब तक यह काम नहीं हो जाता है।

जार्जीवा ने कहा कि समय से पहले उत्सव मनाने से महंगाई के मोर्चे पर कड़ी मेहनत से हासिल लक्ष्य पर पानी फिर सकता है।आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि विभिन्न देशों की आर्थिक स्थिति में भिन्नता लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा, ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था के कुछ इलाके बेहतर काम कर रहे हैं, अन्य कमजोर हैं, लेकिन अभी बढ़ रहे हैं। वहीं कमजोर देश पीछे छूटते जा रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि असाधारण नीतिगत समावेशन की एक अवधि के बाद अब राजकोषीय बफर के पुनर्निर्माण की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि राजकोषीय नीति ऋण की स्थिरता बढ़ाने और महंगाई में कमी लाने का समर्थन करने के लिए समेकन करे। साथ ही कमजोर लोगों के लिए पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम हों।’

वैश्विक वित्तीय सुरक्षा नेटवर्क बने

आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि वैश्विक वित्तीय सुरक्षा नेटवर्वक को मजबूत करने की जरूरत है जिससे ज्यादा कमजोर देशों और उनके नागरिकों की रक्षा की जा सके।

उन्होंने जी-20 देशों से आईएमएफ के महत्त्व को बहाल रखने की अपील करते हुए कहा, ‘आज आईएमएफ की कर्ज देने की क्षमता जहां 1 लाख करोड़ डॉलर है, वहीं कोटा संसाधन, जो आईएमफ की क्षमता सुनिश्चित करने के हिसाब से अहम है, तुलनात्मक रूप से कम है।’

जार्जीवा ने कहा, ‘मैं जी-20 से कहना चाहती हूं कि पीआरजीटी की के सब्सिडी अंतर को कम किया जाए और आईएमएफ के आंतरिक संसाधनों के इस्तेमाल के लिए विकल्पों की तलाश सहित भविष्य की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाए।’

उन्होंने कहा कि जहां हमारी अर्थव्यवस्था आज मौजूदा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे के हिसाब से समृद्ध हुई है, वहीं यह अत्यधिक नाजुक भी है। उन्होंने कहा, ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था ने लचीलापन दिखाया है, लेकिन यह लचीलापन समान रूप से वितरित नहीं है।’

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First Published - July 18, 2023 | 10:16 PM IST

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