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भारत का रिकॉर्ड मासिक निर्यात

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Last Updated- December 11, 2022 | 10:26 PM IST

भारत ने दिसंबर में 37.29 अरब डॉलर की वस्तुओं का रिकॉर्ड निर्यात किया है। यह एक महीने में अब तक का सर्वाधिक निर्यात है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि निर्यात में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह इंजीनियरिंग के सामान, पेट्रोलियम उत्पादों, रत्न एवं आभूषण के अलावा अन्य सामान की मांग में तेजी है। 
कुल मिलाकर देखें तो अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत के वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात करीब 300 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में हुए निर्यात की तुलना में 48.85 प्रतिशत ज्यादा है और 2019 की समान अवधि की तुलना में 26 प्रतिशत ज्यादा है। इस तरह से भारत ने पहले 9 महीनों में अपने 400 अरब डॉलर निर्यात लक्ष्य का तीन चौथाई लक्ष्य हासिल कर लिया है। 2020-21 में सिर्फ 290 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था और इस हिसाब से 9 महीने में ही पिछले साल के निर्यात का आंकड़ा पार हो गया है। सोमवार को पीयूष गोयल ने संवाददाताओं से कहा, ‘2021-22 के पहले 9 महीने में 300 अरब डॉलर निर्यात के साथ हम अपना लक्ष्य हासिल करने की ओर हैं।’ 

गोयल ने कहा, ‘अगर हम 2016 से दिसंबर 2019 के आंकड़ों को देखें तो अप्रैल से दिसंबर 2021 के दौरान हर महीने निर्यात ऐतिहासिक रहा है। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर के दौरान 3 महीनों में 103 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, जो अब तक का रिकॉर्ड है।’ 
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि  शीर्ष 10 प्रमुख जिंस समूहों की निर्यात में हिस्सेदारी 80 प्रतिशत है, जिसके निर्यात में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 41 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। इंजीनिरिंग के सामान की हिस्सेदारी कुल निर्यात में 26 प्रतिशत है, इसका निर्यात पिछले साल की तुलना में 37 प्रतिशत बढ़ा है। इसी तरह से कुल निर्यात में रत्न एवं आभूषण की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत होती है, जिसका निर्यात 15.8 प्रतिशत बढ़ा है। भारत में वाणिज्यिक वस्तुओं का आयात दिसंबर में 59.27 अरब डॉलर रहा है, जो एक साल पहले की तुलना में 38.06 प्रतिशत और दिसंबर 2019 की तुलना में 49.7 प्रतिशत बढ़ा है। इस तरह से व्यापार घाटा बढ़कर 21.99 अरब डॉलर हो गया है, जो एक साल पहले 15.75 अरब डॉलर था। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 9 महीनों में सेवा का निर्यात 179 अरब डॉलर रहने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा, ‘हम सेवाओं का निर्यात 230 डॉलर से ज्यादा करने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।’ जहां तक ओमीक्रोन के खतरे का सवाल है, मंत्री को फिलहाल आपूर्ति शृंखला में तत्काल किसी व्यवधान की उम्मीद नहीं है। गोयल ने कहा कि कुछ कम अवधि का व्यवधान हो सकता है, लेकिन औद्योगिक गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कोविड-19 की नई किस्म ओमीक्रोन लगातार विभिन्न देशोंं में बढ़ रहा है। 

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First Published - January 4, 2022 | 12:00 AM IST

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