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भारत का कोयला आयात बीते वित्त वर्ष के पहले 11 महीने में 32 फीसदी बढ़कर 14.85 करोड़ टन

Last Updated- April 09, 2023 | 12:16 PM IST
Coal production and supply at record level, big step towards self-reliant India कोयला उत्पादन और सप्लाई रिकॉर्ड स्तर पर, आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम

देश का कोयला आयात बीते वित्त वर्ष 2022-23 के पहले 11 माह (अप्रैल-फरवरी) में 32 प्रतिशत बढ़कर 14.85 करोड़ टन हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 11.23 करोड़ टन था। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

‘एमजंक्शन’ ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि अप्रैल-फरवरी के दौरान कोकिंग कोयले का आयात 7.69 प्रतिशत बढ़कर 5.05 करोड़ टन पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान अवधि में 4.68 करोड़ टन था।

अकेले फरवरी, 2023 में गैर-कोकिंग कोयले का आयात पिछले साल के इसी महीने के 94.2 लाख टन से बढ़कर 1.16 करोड़ टन रहा। फरवरी, 2023 में कोकिंग कोयले का आयात बढ़कर 44 लाख टन पर पहुंच गया, जो फरवरी, 2022 में 40.3 लाख टन था।

भारत दुनिया के शीर्ष पांच कोयला उत्पादक देशों में शामिल है। हालांकि, इसे अपनी कोयले की कुछ जरूरत को आयात के जरिये पूरा करना पड़ता है। कोकिंग कोयला इस्पात विनिर्माण का प्रमुख कच्चा माल है।

देश इसके आयात पर काफी निर्भर है। एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक विनय वर्मा ने कहा, ‘‘ऊंची घरेलू मांग के साथ-साथ समुद्र के रास्ते आने वाले कोयले के सस्ता पड़ने की वजह से भारतीय कारोबारी और उपभोक्ता कोयले का आयात कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर आपूर्ति बढ़ने तथा स्टॉक की बेहतर स्थिति की वजह से आने वाले महीनों में कोयले का आयात घट सकता है। एमजंक्शन, टाटा स्टील और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लि. (सेल) का बिजनेट-टू-बिजनेस (बी2बी) ई-कॉमर्स संयुक्त उद्यम है।

First Published - April 9, 2023 | 12:16 PM IST

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