facebookmetapixel
Senior Citizens FD Rates 2026: 8% तक ब्याज, कहां मिल रहा है सबसे बेहतर रिटर्न?1 अप्रैल से UPI के जरिए सीधे EPF निकाल सकेंगे कर्मचारी, विड्रॉल प्रक्रिया से मिलेगी राहत2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉक

भारत में मुनाफे की दर दुनिया में सबसे बेहतरः PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि इस समय भारत में मिल रहा है सबसे ज्यादा मुनाफा

Last Updated- February 07, 2023 | 8:33 PM IST
Prime Minister Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ऊर्जा पर आयोजित गोलमेज वार्ता में ग्रीन हाइड्रोजन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और फाइनैंसिंग जैसे बदलाव वाले कदमों सहित कई मसलो पर चर्चा हुई है। सूत्रों ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक-2023 के दौरान अलग से हुई इस बैठक में इन तमाम मसलों पर बातचीत हुई है।

इस बैठक में 20 लोग शामिल हुए, जिसमें चुनिंदा घरेलू व विदेशी तेल व गैस कंपनियों के सीईओ, वैश्विक विशेषज्ञ और बहुपक्षीय एजेंसियों के प्रमुख थे। महामारी के बाद पहली बार सालाना गोलमेज बैठक का आयोजन किया गया है। इसमें हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री को अपनी प्रेजेंटेशन दिया, जिस पर उन्होंने टिप्पणियां की हैं।

सूत्रों ने कहा कि इस बैठक में मुख्य रूप से बदलाव वाले कदमों जैसे ग्रीन हाइड्रोजन, इस दिशा में बढ़ने के लिए आवश्यक पूंजी और तकनीक की जरूरतों और इनके वित्तपोषण के तरीकों पर खासतौर पर चर्चा हुई।

बैठक में मौजूद उद्योग के एक सूत्र ने कहा, ‘एक नाजुक संतुलन का काम चल रहा है। सरकार को अन्वेषण व रिफाइनिंग के क्षेत्र में पूरी क्षमता के दोहन के लिए और अधिक निवेश लाने की जरूरत है।’

ग्रीन हाइड्रोजन जैसे रूढ़िवादी कदम अहम हो गए हैं क्योंकि ये बेहतर स्थिति में हैं। इसमें भाग लेने वालों ने नीतिगत स्थिरता पर जोर दिया। ज्यादातर लोगों ने कहा कि पिछले कुछ साल के दौरान कारोबार सुगमता में सुधार हुआ है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश की जरूरत है। उन्होंने कंपनियों से कहा कि वे परंपरागत हाइड्रोकार्बन और नई उभरती तकनीक दोनों में ही निवेश करें।

उन्होंने कहा कि भारत में ऊर्जा की मांग अन्य देशों की तुलना में तीन गुना दर से बढ़ रही है, ऐसे में भारत में कंपनियों द्वारा निवेश पर बेहतर मुनाफा आएगा।

विदेशी साझेदारी पर ध्यान

बैठक में मौजूद भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) के प्रमुखों ने इस बात पर जोर दिया कि वे विदेशी साझेदारी पर सक्रियता से विचार कर रहे हैं।

तेल व गैस रणनीतिक क्षेत्र रहा है और लंबे समय तक इससे जुड़े चुनिंदा उद्योगों में विदेशी इकाइयों का प्रवेश वर्जित था। बहरहाल सरकार ने हाल ही में OMC से कहा था कि वे तकनीक और बाजार की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करें।

एक ओएमसी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘यह कदम भारत को हाइड्रोकार्बन उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की सरकार की योजना का हिस्सा है। हम विश्व में कच्चे तेल के दूसरे सबसे बड़े आयातक बने हुए हैं, वहीं अब हम अब अपनी रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने व उद्योग से जुड़ी सेवाएं देने पर काम कर रहे हैं।’

सूत्रों ने कहा कि अमेरिकन तेल एवं गैस दिग्गज Exxon Mobil और Chevron और फ्रांस की दिग्गज कंपनी TotalEnergies ने अन्वेषण के क्षेत्र में दिलचस्पी दिखाई है।

भारत इस समय अन्वेषण का क्षेत्रफल दोगुना करने पर काम कर रहा है।

First Published - February 7, 2023 | 8:33 PM IST

संबंधित पोस्ट