facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

IIFCL ने हवाई अड्डों के विकास के लिए 6,630 करोड़ रुपये का ऋण दिया: MD

Last Updated- January 15, 2023 | 5:04 PM IST
IIFCL has given a loan of Rs 6,630 crore for the development of airports: MD

इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) ने देश के छह प्रमुख हवाई अड्डों के विकास के लिए 6,630 करोड़ रुपये का ऋण दिया है। कंपनी के MD पी आर जयशंकर ने कहा कि विमानन क्षेत्र में जोरदार तेजी का समर्थन करने के लिए यह कर्ज दिया गया है और आने वाले वर्षों में इसमें बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि IIFCL ने आंध्र प्रदेश में नए हवाई अड्डे के विकास के लिए 638 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी भी दी है। पिछले कुछ साल के दौरान भारत में हवाई अड्डा क्षेत्र में भारी वृद्धि हुई है और सरकारी तथा निजी दोनों क्षेत्रों से निवेश बढ़ा है।

जयशंकर ने बताया, ‘भारत में विश्वस्तर के हवाई अड्डे बनाने के लिए IIFCL ने अबतक दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, नवी मुंबई, नोएडा (जेवर) और गोवा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे विकसित करने के लिए 6,630 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।’ उन्होंने कहा कि IIFCL की देश के लगभग सभी प्रमुख हवाई अड्डों में मौजूदगी है।

उन्होंने कहा, ‘ये हवाईअड्डे राष्ट्रीय महत्व के हैं और देशभर में संपर्क को बेहतर बना रहे हैं। हम जनता के लिए संपर्क में सुधार करने और बड़े पैमाने पर अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाने के लिए लॉजिस्टिक की लागत को कम करने के सरकार के मिशन में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

यह भी पढ़ें: दिसंबर महीने में भारत ने रूस से प्रतिदिन 10 लाख बैरल कच्चे तेल का किया आयात

उन्होंने कहा कि भारत में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे की क्षमता को बढ़ाना अनिवार्य हो गया है। विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान भारत में हवाई अड्डे के विकास के लिए 85,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होना है।

First Published - January 15, 2023 | 5:04 PM IST

संबंधित पोस्ट