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भारत-भूटान ने किए 7 समझौते, 4000 करोड़ रुपये के ऊर्जा ऋण का ऐलान

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भारत और भूटान ने 7 समझौते किए, जिसमें 4000 करोड़ रुपये का ऊर्जा ऋण, 1020 मेगावाट की पनबिजली परियोजना का उद्घाटन और 89 किमी लंबी दो नई रेल लिंक परियोजनाओं की मंजूरी शामिल है

Last Updated- November 12, 2025 | 9:05 AM IST
Modi and Bhutan King Jigme Khesar Namgyel Wangchuck
इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान के राजा जिग्मे खेसेर नामग्यल वांगचुक के साथ ग्रैंड कुएनरे हॉल, तशिचोदज़ॉन्ग, थिम्फू, भूटान में भगवान बुद्ध की पवित्र प्रतिमाओं के प्रतिष्ठापन के बाद। (@MEAIndia/X via PTI Photo)

भारत और भूटान ने मंगलवार को सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें इस पड़ोसी देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए 4,000 करोड़ रुपये की रियायती ऋण प्रदान करने की प्रतिबद्धता भी शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वासन दिया कि दोनों देशों को जोड़ने वाली दो रेल परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर भूटान गए हैं। यहां प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में भी भाग लिया, जहां भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने
दिल्ली विस्फोट के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की।

मोदी और भूटान के राजा ने द्विपक्षीय समझौते के तहत निर्मित 1020 मेगावाट की पुनात्सांगचू-II पनबिजली परियोजना का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस परियोजना ने भूटान की कुल जल विद्युत क्षमता में 40 प्रतिशत का योगदान दिया है। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बिजली शुल्क पर सहमति बन गई है, जिसे उचित समय पर पूरा कर घोषित किया जाएगा।

भारत-भूटान के बीच कुल 89 किलोमीटर लंबी दो रेल लिंक परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी साल सितंबर में मंजूरी दी थी। इनमें एक असम के कोकराझार और भूटान के गेलेफू के बीच तथा दूसरी पश्चिम बंगाल के बनारहाट और भूटान के समत्से के बीच तैयार होगी। दोनों परियोजनाओं पर कुल 4,033 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका पूरा खर्च भारत सरकार वहन करेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा सहयोग और दोनों पड़ोसियों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘संपर्क बनाने से अवसर पैदा होते हैं और अवसर से समृद्धि आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए गेलेफू और समत्से जैसे शहरों को भारत के विशाल रेल नेटवर्क से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।’

मोदी ने कहा कि भारत राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की महत्त्वाकांक्षी परियोजना गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी को भी हर संभव समर्थन दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में भारत यहां पर्यटकों और निवेशकों को सुविधा प्रदान करने के लिए गेलेफू के पास आव्रजन जांच चौकी बनाएगा।’

दोनों देश असम के चिरांग जिले के हाटिसर में भी आव्रजन जांच चौकी स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। हाटिसर भूटान में गेलेफू शहर के दूसरी ओर स्थित है। अधिकारियों ने कहा कि गेलेफू के लिए बेहतर सड़क और रेल संपर्क तैयार होने से गुवाहाटी हवाई अड्डे तक आना-जाना आसान हो जाएगा। मोदी ने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि भूटान के लोग भारत आने पर यूपीआई से लेनदेन कर सकें।

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First Published - November 12, 2025 | 9:05 AM IST

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