GDP Growth Rate: मार्च में समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ आठ फीसदी के बेहद करीब रहने की उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने टेलीविजन चैनल ईटी नाउ को दिए इंटरव्यू में यह अनुमान जताया।
मजबूत विनिर्माण और निर्माण गतिविधि के कारण, 2023 के अंतिम तीन महीनों में भारत की अर्थव्यवस्था 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी, जो 18 महीनों में इसकी सबसे तेज गति है। इस डेटा के बाद, सरकार ने वित्त वर्ष 2024 के लिए अपने विकास अनुमान को संशोधित कर 31 मार्च को 7.3 फीसदी से 7.6 फीसदी कर दिया।
आर्थिक वृद्धि के बारे में दास ने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों (जीएसटी संग्रह, बिजली खपत, पीएमआई आदि) के आधार पर हमारा मानना है कि चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि 5.9 फीसदी को पार कर जाएगी।’’ दास ने कहा, ‘‘और जब यह होगा, तो निश्चित रूप से सालाना वृद्धि दर 7.6 फीसदी से अधिक होगी। इसकी काफी संभावना है कि चालू वर्ष में जीडीपी ग्रोथ आठ फीसदी के आसपास होगा।’’
दास ने आगे कहा कि ग्रामीण मांग में सुधार हो रहा है और यह एक साल पहले की तुलना में काफी मजबूत है, जबकि शहरी मांग काफी मजबूत बनी हुई है।
Also read: भारत 2031 तक होगा ‘अपर मिडिल-इनकम’ वाला देश, 7 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी अर्थव्यवस्था: रिपोर्ट
उन्होंने कहा, “निवेश गतिविधि मजबूत बनी हुई है, जो सरकारी पूंजीगत व्यय से प्रेरित है और निजी पूंजीगत व्यय भी विशेष रूप से स्टील, निर्माण गतिविधि, कपड़ा, रसायन से संबंधित कुछ प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ने लगा है। इसलिए निजी निवेश भी बढ़ रहा है।”
मौद्रिक नीति समीक्षा में अगले वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर सात फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। महंगाई के बारे में दास ने कहा कि हाल के आंकड़े के अनुसार महंगाई 5.1 फीसदी रही है जो चार फीसदी के लक्ष्य से 1.10 फीसदी अधिक है। उन्होंने कहा कि हालांकि महंगाई का रुख नरमी की ओर है और RBI अब महंगाई को टिकाऊ आधार पर चार फीसदी पर लाने के लक्ष्य पर ध्यान दे रहा है।