facebookmetapixel
Advertisement
टाटा समूह के नए कारोबार मांग रहे बड़ी पूंजी, सेमीकंडक्टर से एयर इंडिया तक कई लाख करोड़ के निवेश पर नजरटीवी रेटिंग का संकट गहराया, सरकार की नई नीति के चलते विज्ञापन बाजार पर बढ़ी चिंताEditorial: कॉरपोरेट मुनाफे की रफ्तार तेज, निवेश पीछे; विनिर्माण को नई ताकत देना बड़ी चुनौतीरोजगार की नई राह बनेगा सेवा क्षेत्र, शिक्षा और स्वास्थ्य में छिपी बड़ी संभावनाएंउदारीकरण ने बदली दूरसंचार की तस्वीर, कभी फोन कनेक्शन के लिए सालों इंतजार करता भारत आज बना डिजिटल ताकतपरमाणु संयंत्रों के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट, सुरक्षा और निवेश दोनों पर फोकसFCNR (B) स्वैप सुविधा समय से पहले बंद, रुपये पर दबाव बढ़ा; सरकारी बॉन्ड यील्ड भी चढ़ीशेयर बाजार को मजबूत करने की तैयारी: SLBM का दायरा बढ़ाएगा SEBI, CAS को मिलेगी मजबूतीरिवॉल्विंग क्रेडिट पर रोक के प्रस्ताव से NBFC चिंतित, RBI को देंगे फीडबैकभाजपा ने बनाई नई टीम, 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे; स्मृति ईरानी महासचिव तो राम माधव बने उपाध्यक्ष

खाद्य तेल और सस्ते

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 3:57 PM IST

 अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी से देसी बाजार में भी खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट जारी है। जिससे उपभोक्ताओं को खाद्य तेलों की महंगाई से राहत मिली है। कारोबारियों के मुताबिक बीते 10 दिनों के दौरान खाद्य तेलों के दाम 5 से 15 रुपये प्रति लीटर घट चुके हैं। आने वाले दिनों में भी खाद्य तेलों की कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है।
   पिछले 10 दिन में आयातित तेलों में आरबीडी पामोलीन तेल के थोक भाव 125 रुपये से घटकर 110 रुपये, कच्चे पाम तेल के दाम 112 रुपये से घटकर 100 रुपये लीटर रह गए हैं। देसी तेलों में सोया रिफाइंड तेल के दाम 8 रुपये घटकर 122 रुपये, सरसों तेल के दाम 7 रुपये घटकर 138 रुपये प्रति लीटर रह गए हैं। इस दौरान सूरजमुखी तेल 172 रुपये से घटकर 165 रुपये लीटर बिक रहा है। हालांकि मूंगफली तेल के दाम 5 फीसदी बढ़कर 175 रुपये लीटर हो गए। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार खुदरा बाजार में डिब्बाबंद सरसों तेल 173.05 रुपये, सोया रिफाइंड  तेल 156.33 रुपये, सूरजमुखी तेल 175.75 रुपये और पाम तेल 132.19 रुपये किलो औसत मूल्य के हिसाब से बिक रहा है। थोक भाव अनुरूप खुदरा भाव मामूली घटे हैं।  
सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड   के  चेयरमैन सुरेश नागपाल ने बताया कि इंडोनेशिया ने जब से निर्यात पर रोक हटाई है, तब से अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों के दाम गिर रहे हैं। भारत खाद्य तेलों की खपत की पूर्ति के लिए आयात पर काफी निर्भर है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के कारण देसी बाजार में भी खाद्य तेलों के दाम गिर रहे हैं। भारत सरकार ने भी आयात शुल्क में राहत दी है। 

Advertisement
First Published - September 4, 2022 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement