टाइटन कंपनी ने हाल ही में प्रयोगशाला (लैब) में तैयार किए गए हीरे के क्षेत्र में बीयॉन के साथ प्रवेश करने की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य नए ब्रांड के साथ शीर्ष स्थान हासिल करना है।
टाइटन के प्रबंध निदेशक (एमडी) अजय चावला ने बुधवार को एक निवेशक कॉल के दौरान विश्लेषकों को बताया, ‘बीयॉन के साथ हम शीर्ष स्थान हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। शुरुआत में, जब हम पांच से 10 स्टोर खोल लेंगे तब हमें बेहतर ढंग से समझ में आएगा कि हर एक सामान को बनाने और बेचने में कितना खर्च आ रहा है और हमारी कुल कमाई कितनी हो रही है। इससे हमें पता चलेगा कि हमारा अनुमान सही था या नहीं।’
चावला ने आगे कहा कि अगले कुछ महीनों में ये स्टोर खुल जाएंगे लेकिन कंपनी इन्हें सिर्फ महानगरों तक ही सीमित नहीं रखेगी। एक बार जब हमें यह समझ में आ जाएगा कि ये कैसे काम कर रहा है तब हम इसे और आगे भी ले जाएंगे।’ कंपनी का अनुमान है कि लैब में तैयार किए गए डायमंड का बाजार पूरे डायमंड जड़े हुए गहनों के बाजार का 2 प्रतिशत से भी कम है।
चावला ने आगे कहा, ‘लेकिन इसमें बढ़ने की संभावना है। सवाल यह है कि आखिर यह कितना बड़ा होगा? हम अभी नहीं जान पाएंगे। यह बहुत शुरुआती चरण है और हम जानते हैं कि हम यह तब भी कर सकते हैं जब हम विकास कर रहे हैं और अपने मौजूदा कीमती हीरे के ब्रांड क्षेत्र में लगातार निवेश कर रहे हैं, जो तनिष्क, मिया, कैरटलेन, जोया हैं।’