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Auto Sales: 2025 में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार बढ़ी, यात्री वाहन रहे आगे

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मौजूदा रुझान बताते हैं कि बाजार के दबदबे में तेजी से बदलाव हो रहा है और सभी वाहन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है

Last Updated- January 07, 2026 | 10:00 PM IST
EV Sales

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खुदरा बिक्री ने कैलेंडर वर्ष 2025 में मजबूत प्रदर्शन किया है। इस दौरान यात्री वाहनों और दोपहिया दोनों ने दमदार वृद्धि दर्ज की। हालांकि मौजूदा रुझान बताते हैं कि बाजार के दबदबे में तेजी से बदलाव हो रहा है और सभी वाहन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।

फाडा के आंकड़ों से पता चलता है कि कैलेंडर वर्ष 2025 में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों (पीवी) की खुदरा बिक्री बढ़कर 176,817 वाहन हो गई जो 2024 में 99,875 थी। यह 77.04 प्रतिशत की वृद्धि है। हालांकि, बाजार में ज्यादा मॉडल आ रहे हैं और पारंपरिक दिग्गजों को नई और फिर से दम दिखाने वाली कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने शीर्ष स्थान बनाए रखा और 70,004 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं। यह पिछले साल के मुकाबले 13.28 प्रतिशत ज्यादा हैं। फिर भी, उसकी बाजार भागीदारी कैलेंडर वर्ष 2025 में घटकर 39.6 प्रतिशत रह गई जो एक साल पहले 61 प्रतिशत से अधिक थी। इससे बढ़ती प्रतिस्पर्धा का पता चलता है। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया प्रमुख लाभार्थी के रूप में उभरी है और उसकी बिक्री दोगुनी से ज्यादा बढ़कर 51,387 वाहन हो गई। इससे उसकी बाजार हिस्सेदारी भी 21.8 प्रतिशत से बढ़कर 29.1 प्रतिशत हो गई।

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम) ने बड़ी कंपनियों के बीच सबसे तेज वृद्धि दर्ज की, जिससे उसकी ईवी की खुदरा बिक्री 7,139 वाहन से लगभग 5 गुना बढ़कर 33,513 हो गई। इस वृद्धि को नए लॉन्च की मजबूत मांग से समर्थन मिला। ह्युंडै, बीवाईडी, बीएमडब्ल्यू और किआ ने भी छोटी संख्या के बावजूद तीन अंक में वृद्धि दर्ज की, जबकि स्टेलेंटिस और वॉल्वो की बिक्री में गिरावट आई, जो प्रीमियम ईवी सेगमेंट के निचले स्तर पर दबाव का संकेत है।

विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 में थोड़ा फेरबदल संभव है क्योंकि मारुति सुजूकी इंडिया जैसे बाजार दिग्गज भी इस मैदान में उतर रही है। प्राइमस पार्टनर्स के सलाहकार अनुराग सिंह ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि 15 लाख रुपये से कम वाले सेगमेंट में अधिक विकल्प आने से 2025 में ईवी की मांग में काफी वृद्धि हुई है।

टीवीएस मोटर कंपनी ने 298,881 वाहन बिक्री के साथ अपनी बढ़त मजबूत की और उसकी बाजार भागीदारी 19.21 प्रतिशत से बढ़कर 23.35 प्रतिशत पर पहुंच गई। बजाज ऑटो 269,847 वाहनों के साथ दूसरे स्थान पर रही। एथर एनर्जी ने अपनी स्थिति मजबूत की, जिसकी बिक्री 58.91 प्रतिशत बढ़कर 200,797 वाहन हो गई।

सबसे बड़ा नुकसान ओला इलेक्ट्रिक को हुआ, जिसकी बिक्री 407,700 वाहनों से घटकर 199,318 रह गई, जिससे उसकी बाजार हिस्सेदारी भी 35.47 प्रतिशत से घटकर 15.57 प्रतिशत आधी हो गई।

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First Published - January 7, 2026 | 9:50 PM IST

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