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IPOs के लिए रिकॉर्ड वर्ष के बाद भी 2025 में इक्विटी कैपिटल मार्केट की रफ्तार सुस्त

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ईसीएम से फंड जुटाने का कुल आंकड़ा 2025 में 5.1 लाख करोड़ रुपये रहा जो 2024 के 6.1 लाख करोड़ रुपये से कम है जबकि पिछले साल आईपीओ ने नए रिकॉर्ड बनाए

Last Updated- January 07, 2026 | 9:46 PM IST
IPO

कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग ने अपनी सालाना मीडिया राउंडटेबल में कहा कि आरंभिक सार्वजनिक पेशकशों (आईपीओ) में तेजी के बावजूद 2025 में समग्र इक्विटी पूंजी बाजार (ईसीएम) की गतिविधियों में गिरावट आई है।

ईसीएम से फंड जुटाने का कुल आंकड़ा 2025 में 5.1 लाख करोड़ रुपये रहा जो 2024 के 6.1 लाख करोड़ रुपये से कम है जबकि पिछले साल आईपीओ ने नए रिकॉर्ड बनाए। ईसीएम से फंड जुटाने में गिरावट का मुख्य कारण अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम यानी एफपीओ और सेल-डाउन में कमी थी। फॉलो-ऑन में पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी), एफपीओ और राइट्स इश्यू शामिल हैं। सेल-डाउन में ब्लॉक डील और ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल हैं।

वित्त वर्ष 2025 में फॉलो-ऑन वॉल्यूम में 53 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 89,761 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वर्ष यह 1.9 लाख करोड़ रुपये था। सेल डाउन वॉल्यूम भी 2025 में घटकर 2.30 लाख करोड़ रुपये रह गया जबकि 2024 में यह 2.6 लाख करोड़ रुपये रहा था।

आईपीओ में, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) मांग और कीमत के मामले में अग्रणी बनकर उभरे, जिन्होंने 2025 में एंकर बुक का औसतन 60 फीसदी हिस्सा हासिल किया, जो 2024 में 40 फीसदी था। नई पीढ़ी की तकनीकी कंपनियों के आईपीओ का मुख्य स्थान रहा और इनमें लिस्टिंग के दौरान औसतन 38 फीसदी का लाभ हुआ, जो सभी आईपीओ के औसत से 3 गुना ज्यादा है।

कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के प्रबंध निदेशक और पूर्णकालिक निदेशक वी. जयशंकर ने कहा, आम तौर पर मिड-कैप और लार्ज-कैप आईपीओ ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। कीमतों में बेहतर अनुशासन रहा है और इससे सभी संबंधित पक्षों को बेहतर परिणाम मिले हैं।

जयशंकर ने कहा कि 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निर्गम आकार वाले आईपीओ ने औसतन लगभग 19 फीसदी का लिस्टिंग लाभ हासिल किया जबकि छोटे निर्गम आकार वाले आईपीओ के लिए यह लाभ 9 फीसदी था।

जयशंकर ने कहा, दूसरी छमाही में आईपीओ गतिविधियों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और इसे हम पिछले कुछ वर्षों से देख रहे हैं। दूसरे छमाही में गतिविधियां ज्यादा रहती है। वित्तीय संस्थान समूह (एफआईजी), न्यू ऐज टेक और औद्योगिक क्षेत्र आईपीओ गतिविधियों में अग्रणी रहे। निवेश बैंक ने कहा कि ईसीएम फंड का कुल संग्रह 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहने की उम्मीद है।

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First Published - January 7, 2026 | 9:38 PM IST

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