facebookmetapixel
Advertisement
ICICI Pru MF ने लॉन्च किया नया फंड, ₹1,000 से स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश का मौका‘सेबी ने खातों को गलत समझा’, राजेश एक्सपोर्ट्स के फाउंडर ने फंड की हेराफेरी के आरोपों को खारिज कियाक्रिकेट से रियल एस्टेट तक: पूर्व क्रिकेटर अजीत अगरकर ने मुंबई में बेचा फ्लैट, जाने कितनी मिली कीमत!Gold ETF से एक साल में पहली बार निकासी, बढ़ी निवेशकों की चिंता; अब आगे क्या करना चाहिए?टेक्निकल एक्सपर्ट की पसंद बने Polycab और Coal India, निवेशक क्यों रखें नजर?बजाज फिनसर्व के बोर्ड से हटेंगे राजीव बजाज, ऑटो कारोबार पर बढ़ाएंगे फोकसचांदी में अभी और गिरावट का खतरा, लेकिन लंबी अवधि में मिल सकता है 150% तक रिटर्नSpaceX ला रही है इतिहास का सबसे बड़ा IPO, भारतीय निवेशक कैसे कर पाएंगे निवेश?अमेरिका-ईरान तनाव से भारत को झटका, Fitch ने FY27 ग्रोथ अनुमान 6.4% कियाTCS को AI में दिख रहे हैं 5 बड़े मौके, निवेशकों के लिए अहम संकेत

कमोडिटी इंडेक्स रीबैलेंसिंग और मजबूत डॉलर से सोना फिसला, चांदी में भी तेज गिरावट

Advertisement

एचएसबीसी का अनुमान है कि भू-राजनीतिक जोखिमों और बढ़ते राजकोषीय ऋणों के कारण 2026 की पहली छमाही में सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगी

Last Updated- January 08, 2026 | 10:25 PM IST
Gold and Silver Price today

सोने की कीमतों में गुरुवार को गिरावट आई क्योंकि निवेशक कमोडिटी इंडेक्स में फेरबदल से जुड़े वायदा सौदों की बिकवाली की आशंका जता रहे थे। मजबूत अमेरिकी डॉलर ने भी विदेशी खरीदारों के लिए सोने की कीमत में इजाफा कर दबाव बढ़ा दिया। दोपहर 12:28 बजे (जीएमटी) तक हाजिर सोना 0.7 फीसदी गिरकर 4,420.09 डॉलर प्रति औंस परआ गया।

सालाना कमोडिटी इंडेक्स के पुनर्संतुलन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है। सैक्सो बैंक के कमोडिटी रणनीति प्रमुख ओले हैनसेन ने कहा, अगले पांच दिनों में कॉमेक्स वायदा में हर धातु में 6 से 7 अरब डॉलर तक की बिकवाली देखी जा सकती है।

ब्लूमबर्ग कमोडिटी इंडेक्स का सालाना पुनर्संतुलन, जिसका मकसद इंडेक्स को वैश्विक कमोडिटी बाजार की वर्तमान स्थिति के अनुरूप रखना है, इस सप्ताह शुरू हो रहा है। हैंसन ने कहा, अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष ने सप्ताह की शुरुआत में थोड़ा भू-जोखिम प्रीमियम जोड़ा था, जो अब पुनर्संतुलन पर ध्यान केंद्रित होने के साथ कम हो रहा है।

इस बीच, शुक्रवार को जारी होने वाली गैर-कृषि रोजगार संबंधी रिपोर्ट से पहले निवेशकों द्वारा मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों का आकलन करने के कारण अमेरिकी डॉलर एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब बना रहा। बुधवार को जारी आंकड़ों से पता चला कि नवंबर में अमेरिका में रोजगार के मौके 14 महीनों के निचले स्तर पर आ गए।

हाजिर चांदी 29 दिसंबर को 83.62 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद 4.3 फीसदी गिरकर 74.8 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। एचएसबीसी का अनुमान है कि भू-राजनीतिक जोखिमों और बढ़ते राजकोषीय ऋणों के कारण 2026 की पहली छमाही में सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगी और आपूर्ति की कमी, मजबूत निवेश मांग और सोने की उच्च कीमतों के कारण 2026 में चांदी की कीमत 58 डॉलर और 88 डॉलर के बीच रहने की उम्मीद है, लेकिन उसने वर्ष के अंत में बाजार में गिरावट की चेतावनी भी दी है।

Advertisement
First Published - January 8, 2026 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement