सोने और चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) की संयुक्त प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) दिसंबर 2025 में 2 लाख करोड़ रुपये के पार चली गईं। इस तरह रिकॉर्ड निवेश और कीमती धातुओं की कीमतों में निरंतर तेजी के कारण केवल चार महीनों में ही परिसंपत्तियां दोगुनी हो गईं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2025 की शुरुआत में कुल एयूएम 57,000 करोड़ रुपये थी जो सितंबर तक करीब दोगुनी होकर 1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी।
दोनों के ईटीएप में रिकॉर्ड निवेश के कारण उनकी एयूएम में तीव्र वृद्धि हुई है। अनुमानों के अनुसार दिसंबर 2025 में गोल्ड ईटीएफ में करीब 11,700 करोड़ रुपये का निवेश आया,जो एक कैलेंडर माह में अब तक का सबसे ज्यादा है। सिल्वर ईटीएफ में भी निवेश पिछले महीने दोगुना से अधिक बढ़कर 2,154 करोड़ रुपये से 4,700 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दिसंबर के निवेश के साथ गोल्ड ईटीएफ में 2025 के दौरान कुल शुद्ध निवेश 43,000 करोड़ रुपये हो गया है। सिल्वर ईटीएफ के मामले में सालाना निवेश 24,200 करोड़ रुपये रहा।
2025 की दूसरी छमाही में गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश का आंकड़ा म्युचुअल फंडों की सभी श्रेणियों में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा रहने संभावना है, जो फ्लेक्सी कैप फंडों के बाद दूसरे स्थान पर होगा। यह निवेश कीमती धातुओं की कीमतों में जारी तेजी के कारण हुआ है। वर्ष 2025 में घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में 75 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि चांदी की कीमतों में 168 फीसदी की उछाल आई।
2025 में कीमती धातुओं की दामों में उछाल वैश्विक और घरेलू कारकों की वजह से था। लगातार भू-राजनीतिक तनाव, प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें और अमेरिकी डॉलर की नरमी ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की अपील को बढ़ाया। चांदी की कीमतों को मजबूत औद्योगिक मांग, विशेष रूप से सौर और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग से, और आपूर्ति पक्ष की बाधाओं से भी समर्थन मिला।
एसबीआई म्युचुअल फंड ने एक नोट में कहा, कमोडिटीज ने भी कई वर्षों की सुस्ती के बाद 2025 में जोरदार वापसी की। निवेशकों ने डॉलर एसेट्स को छोड़कर विविधीकरण का रुख अपनाया और कीमती धातुओं ने इस बढ़त का नेतृत्व किया। सोने और चांदी के ईटीएफ में निवेशकों की बढ़ती रुचि नए खाता खोलने के आंकड़ों में भी झलकती है। चालू वर्ष 2025 के पहले 11 महीनों में सोने के ईटीएफ खातों या फोलियो में 53 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि चांदी के ईटीएफ खातों में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में यह तेजी लंबे समय तक बनी रह सकती है क्योंकि कीमतों में उछाल केवल अटकलों के कारण नहीं बल्कि दीर्घकालिक संरचनात्मक कारकों से प्रेरित है।
पीएल वेल्थ के सीईओ इंदरबीर सिंह जौली ने कहा, 2025 में सोने का प्रदर्शन निवेशकों और केंद्रीय बैंकों द्वारा पोर्टफोलियो को व्यवस्थित करने के तरीके में संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। यह तेजी अल्पकालिक अटकलों से नहीं बल्कि ईटीएफ में निरंतर निवेश और दीर्घकालिक भंडार विविधीकरण के हिस्से के रूप में केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीद से आई है।
उन्होंने कहा, तेजी से बढ़ने के बाद कुछ स्थिरता आना स्वाभाविक है। लेकिन मध्यम अवधि में दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है और सोना 2026 में विविध पोर्टफोलियो में स्थिर भूमिका निभाता रहेगा