facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

चालू वित्त वर्ष में 7.2% की दर से बढ़ेगी इकोनॉमी, RBI के डिप्टी गवर्नर ने जताया अनुमान

पात्रा ने कहा कि भारत विनिमय दर के मामले में पहले से ही पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यह 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है।

Last Updated- October 22, 2024 | 3:34 PM IST
ओवरनाइट इंडेक्स स्वैप मार्केट में FPI निवेश सीमा की होगी समीक्षाRBI reviewing foreign investment limit in OIS market: RBI Dy Guv Patra

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्रा ने कहा है कि भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 2024-25 में 7.2 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में लगभग सात प्रतिशत रहने का अनुमान है। उसके बाद, इस बात की काफी संभावना है कि वृद्धि दर आठ प्रतिशत के रुख पर वापस आ जाएगी।

उन्होंने सोमवार को यहां फेडरल रिजर्व द्वारा आयोजित न्यूयॉर्क फेड सेंट्रल बैंकिंग सेमिनार में कहा, ‘‘…मैं पूरे विश्वास के साथ यह मानता हूं कि भारत का समय आ गया है। देश 28 साल की औसत आयु वाली दुनिया की सबसे युवा आबादी के साथ अपने भविष्य की ओर बढ़ रहा है।’’

दुनिया के कई देशों के विपरीत, कामकाजी उम्र के लोगों की आबादी बढ़ रही है। कामकाजी उम्र की श्रेणी में हर छठा व्यक्ति भारतीय है। पात्रा ने कहा कि 1947 में आजादी के बाद से, आर्थिक वृद्धि के रुख को लेकर भारत में तीन संरचनात्मक बदलाव हुए हैं। यह 2002 से 2019 के दौरान बढ़कर सात प्रतिशत हो गयी है।

उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान आर्थिक वृद्धि में भारी गिरावट आई। वहीं 2021 से 2024 के दौरान वृद्धि दर औसतन आठ प्रतिशत रही। भारत को अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था माना जाता है।

पात्रा ने कहा कि भारत विनिमय दर के मामले में पहले से ही पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यह 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है। वहीं क्रय शक्ति समानता के मामले में देश पहले से ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा अनुमान कि भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2024-25 में 7.2 प्रतिशत और 2025-26 में लगभग 7.0 प्रतिशत होगी…उसके बाद, इस बात की प्रबल संभावना है कि भारत आठ प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करेगा।’’

पात्रा ने मुद्रास्फीति पर कहा कि 2024-25 में इसके औसतन 4.5 प्रतिशत और 2025-26 में 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति जुलाई-अगस्त के दौरान चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे रही, लेकिन कुछ खाद्य वस्तुओं के दाम में तेजी तथा प्रतिकूल तुलनात्मक आधार के कारण सितंबर में बढ़कर 5.5 प्रतिशत हो गई।

डिप्टी गवर्नर ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान बताता है कि ये मूल्य दबाव अक्टूबर और नवंबर में बना रहेगा। उसके बाद सकल (हेडलाइन) मुद्रास्फीति दिसंबर, 2024 के लक्ष्य के करीब आने लगेगी और 2025-26 में इसके लक्ष्य के दायरे में रहने की उम्मीद है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि भारत व्यापक बदलाव लाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने में विश्व में अगुवा के रूप में उभर रहा है।

First Published - October 22, 2024 | 3:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट