facebookmetapixel
गोल्ड सिल्वर रेशियो ने दिया संकेत, क्या चांदी की तेजी अब थकने वाली है? एक्सपर्ट्स से समझिए42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफाईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटस

2023-24 में 18 फीसदी बढ़ा Direct Tax Collection, बढ़कर हुआ 19.58 लाख करोड़ रुपये

यह राशि वित्त वर्ष 2022-23 के 19.72 लाख करोड़ रुपये के सकल संग्रह से 18.48 प्रतिशत अधिक है।

Last Updated- April 21, 2024 | 1:31 PM IST
sin tax India

भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह मार्च 2024 को समाप्त वित्त वर्ष में सालाना आधार पर 17.7 प्रतिशत बढ़कर 19.58 करोड़ रुपये हो गया। कर विभाग ने रविवार को कहा कि यह राशि संशोधित अनुमानों से काफी अधिक है। आयकर और कॉरपोरेट कर संग्रह 2023-24 के दौरान बजट अनुमानों से 1.35 लाख करोड़ रुपये (7.40 प्रतिशत) और संशोधित अनुमानों से 13,000 करोड़ रुपये अधिक रहा।

इनकी प्रत्यक्ष कर संग्रह में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2023-24 में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह (अनंतिम) 18.48 प्रतिशत बढ़कर 23.37 लाख करोड़ रुपये हो गया। रिफंड के बाद शुद्ध आय 17.7 प्रतिशत बढ़कर 19.58 लाख करोड़ रुपये रही। प्रत्यक्ष कर संग्रह के आंकड़े अर्थव्यवस्था में उछाल और व्यक्तियों तथा कॉरपोरेट की आय में वृद्धि को दर्शाते हैं। सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 3.79 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया।

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह के अनंतिम आंकड़े बताते हैं कि शुद्ध संग्रह 19.58 लाख करोड़ रुपये है। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह राशि 16.64 लाख करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में इस वर्ष के लिए संग्रह 18.23 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिसे बाद में संशोधित कर 19.45 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया।

बयान में कहा गया कि अनंतिम प्रत्यक्ष कर संग्रह (रिफंड को छोड़कर) बजट अनुमान से 7.40 प्रतिशत और संशोधित अनुमान से 0.67 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान रिफंड के समायोजन से पहले प्रत्यक्ष करों का सकल संग्रह (अनंतिम) 23.37 लाख करोड़ रुपये रहा।

यह राशि वित्त वर्ष 2022-23 के 19.72 लाख करोड़ रुपये के सकल संग्रह से 18.48 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2023-24 में सकल कॉरपोरेट कर संग्रह (अनंतिम), इससे पिछले वर्ष के 10 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 13.06 प्रतिशत बढ़कर 11.32 लाख करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2023-24 में शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह (अनंतिम) 9.11 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 8.26 लाख करोड़ रुपये से 10.26 प्रतिशत अधिक है।

समीक्षाधीन अवधि में प्रतिभूति लेनदेन कर (अनंतिम) सहित सकल व्यक्तिगत आयकर संग्रह 12.01 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 9.67 लाख करोड़ रुपये के संग्रह से 24.26 प्रतिशत अधिक है।

इस दौरान एसटीटी (अनंतिम) सहित शुद्ध व्यक्तिगत आयकर संग्रह 10.44 लाख करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के 8.33 लाख करोड़ रुपये से 25.23 प्रतिशत अधिक है। बयान में कहा गया कि वित्त वर्ष 2023-24 में 3.79 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो वित्त वर्ष 2022-23 में जारी किए गए 3.09 लाख करोड़ रुपये के रिफंड से 22.74 प्रतिशत अधिक है।

First Published - April 21, 2024 | 1:31 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट