facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

चीन, सऊदी अरब समेत टॉप-5 देशों को बढ़ा निर्यात, अमेरिका सहित इन देशों के साथ भारत के व्यापार हुए कम

भारत के चौथे सबसे बड़े निर्यात साझेदार चीन से सालाना आधार पर करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 10.3 अरब डॉलर हो गया।

Last Updated- December 18, 2023 | 10:24 PM IST
कम शुल्क दर से बढ़ेगा निर्यातExports will increase due to lower duty rate

भारत के निर्यात में इस वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों के दौरान 2.8 प्रतिशत की गिरावट आई है लेकिन शीर्ष 10 देशों में से पांच देशों – सऊदी अरब, चीन, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड को निर्यात बढ़ा है। वाणिज्य मंत्रालय के संकलित आंकड़ों के अनुसार भारत के कुल वस्तु निर्यात में इन शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी 49 फीसदी से अधिक है।

भारत के तीसरे सबसे बड़े निर्यात मार्केट नीदरलैंड से अप्रैल-नवंबर के दौरान निर्यात सालाना आधार पर 9.6 प्रतिशत बढ़कर 13.5 अरब डॉलर हो गया। हालांकि नवंबर तक अलग-अलग देश-वार व्यापार के आंकड़े उपलब्ध नहीं थे। पहले सात महीने के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार निर्यात की वृद्धि को गति मुख्य तौर पर पेट्रोलियम उत्पादों सहित मशीनरी से मिली है।

भारत के चौथे सबसे बड़े निर्यात साझेदार चीन से सालाना आधार पर करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 10.3 अरब डॉलर हो गया जबकि इस पड़ोसी देश को अप्रैल – जुलाई के दौरान निर्यात में गिरावट आई थी। हालांकि यह रुझान ऑस्ट्रेलिया के मामले में अगस्त के बाद पूरी तरह पलट गया।

ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के मामले में सकारात्मक वृद्धि क्रमश: 14.6 प्रतिशत और 13.9 प्रतिशत हुई। इन देशों को निर्यात में वृद्धि पेट्रोलियम, वस्त्र, खाद्य उत्पादों की मशीनरी सहित अन्य वस्तुओं के कारण हुआ। सऊदी अरब को अप्रैल से नवंबर के दौरान निर्यात 2.2 प्रतिशत बढ़कर 7.1 अरब डॉलर हो गया।

दूसरी तरफ, शेष पांच देशों को निर्यात गिर गया। इस क्रम में अमेरिका (-5.2 प्रतिशत), यूएई (-0.1 प्रतिशत), सिंगापुर (-1.87 प्रतिशत), बांग्लादेश (-14.1 प्रतिशत) और जर्मनी (-6.3 प्रतिशत) को निर्यात घटा था। इससे देश के कुल निर्यात में गिरावट आई।

भारत का वस्तु निर्यात नवंबर में गिरकर नकारात्मक दायरे में आ गया था जबकि इससे पिछले महीने अक्टूबर में 11 महीनों के दौरान सबसे तेज गति से बढ़ा था। इससे वैश्विक मांग और असामान्य आर्थिक सुधार का संकेत मिलता है।

First Published - December 18, 2023 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट