facebookmetapixel
सिगरेट पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, 10% तक टूट ITC और गोडफ्रे फिलिप्स के शेयर; 1 फरवरी से लागू होंगे नियमहोटलों को एयरलाइंस की तरह अपनाना चाहिए डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल: दीक्षा सूरीRBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट, क्रिप्टो पर सतर्कता; CBDC को बढ़ावाउभरते आर्थिक दबाव के बीच भारतीय परिवारों का ऋण बढ़ा, पांच साल के औसत से ऊपरनया साल 2026 लाया बड़े नीतिगत बदलाव, कर सुधार और नई आर्थिक व्यवस्थाएंसरकार ने 4,531 करोड़ रुपये की बाजार पहुंच समर्थन योजना शुरू कीअनिश्चित माहौल में सतर्कता नहीं, साहस से ही आगे बढ़ा जा सकता है: टाटा चेयरमैनपुरानी EV की कीमत को लेकर चिंता होगी कम, कंपनियां ला रही बायबैक गारंटीऑटो PLI योजना का बढ़ेगा दायरा, FY27 से 8 और कंपनियों को मिलेगा प्रोत्साहनLPG Price Hike: नए साल की शुरुआत में महंगाई का झटका, LPG सिलेंडर ₹111 हुआ महंगा

रिजर्व बैंक की ओएमओ योजना से बॉन्ड यील्ड गिरी

रिजर्व बैंक ने मंगलवार को ओएमओ नीलामी के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी खरीदी है।

Last Updated- April 29, 2025 | 10:49 PM IST
Reserve Bank of India
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय रिजर्व द्वारा बॉन्डों को खरीदने के लिए एक और ओपन मार्केट ऑपरेशन (ओएमओ) नीलामी की घोषणा के बाद मंगलवार को बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड में 6 आधार अंक की गिरावट आई है। रिजर्व बैंक ने 1.25 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां खरीदने की योजना बनाई है। इसके लिए 4 चरणों में 6 मई, 9 मई, 15 मई और 19 मई को नीलामी होगी।

एक सरकारी बैंक से जुड़े डीलर ने कहा, ‘कमजोर मुनाफा वसूली के बीच रिजर्व बैंक द्वारा ओएमओ नीलामी की घोषणा से बाजार में उत्साह आया।’ उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक जिस तरीके से बाजार को नकदी मुहैया करा रहा है, बॉन्ड बाजार को ज्यादातर मौकों पर लाभ हो रहा है।
इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने मंगलवार को ओएमओ नीलामी के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी खरीदी है।

पिछले सप्ताह विदेशी बैंक गिल्ट बाजार के सबसे बड़े विक्रेता बनकर उभरे और बाजार हिस्सेदारों के अनुमान से पता चलता है कि उन्होंने शुद्ध रूप से 9,800 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इसकी वजह से 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड पिछले सप्ताह 5 बीपीएस बढ़ी।

यह बिकवाली प्रमुख रूप से मुनाफावसूली के लिए हो रही थी। साथ ही कश्मीर में तनाव के कारण सावधानी बरतना भी एक वजह थी। शुक्रवार को 10 साल के बॉन्ड की आगामी नीलामी के अनुमान से बिकवाली का दबाव बढ़ा। एक प्राइमरी डीलरशिप के डीलर ने कहा, ‘विदेशी बैंक सबसे बड़े बिकवाल थे, उन्होंने मुनाफा कमाया। उसके बाद निजी बैंकों का स्थान है।’

First Published - April 29, 2025 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट