मुख्य सामग्री पर जाएं
बिज़नेस स्टैंडर्ड

रिजर्व बैंक की ओएमओ योजना से बॉन्ड यील्ड गिरी

भारतीय रिजर्व द्वारा बॉन्डों को खरीदने के लिए एक और ओपन मार्केट ऑपरेशन (ओएमओ) नीलामी की घोषणा के बाद मंगलवार को बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड में 6 आधार अंक की गिरावट आई है। रिजर्व बैंक ने 1.25 लाख करोड़ रुपये…

Reserve Bank of India

Reserve Bank of India

Last Updated: अप्रैल 29, 2025 | 10:49 PM IST

भारतीय रिजर्व द्वारा बॉन्डों को खरीदने के लिए एक और ओपन मार्केट ऑपरेशन (ओएमओ) नीलामी की घोषणा के बाद मंगलवार को बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड में 6 आधार अंक की गिरावट आई है। रिजर्व बैंक ने 1.25 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां खरीदने की योजना बनाई है। इसके लिए 4 चरणों में 6 मई, 9 मई, 15 मई और 19 मई को नीलामी होगी।

एक सरकारी बैंक से जुड़े डीलर ने कहा, ‘कमजोर मुनाफा वसूली के बीच रिजर्व बैंक द्वारा ओएमओ नीलामी की घोषणा से बाजार में उत्साह आया।’ उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक जिस तरीके से बाजार को नकदी मुहैया करा रहा है, बॉन्ड बाजार को ज्यादातर मौकों पर लाभ हो रहा है।
इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने मंगलवार को ओएमओ नीलामी के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी खरीदी है।

पिछले सप्ताह विदेशी बैंक गिल्ट बाजार के सबसे बड़े विक्रेता बनकर उभरे और बाजार हिस्सेदारों के अनुमान से पता चलता है कि उन्होंने शुद्ध रूप से 9,800 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इसकी वजह से 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड पिछले सप्ताह 5 बीपीएस बढ़ी।

यह बिकवाली प्रमुख रूप से मुनाफावसूली के लिए हो रही थी। साथ ही कश्मीर में तनाव के कारण सावधानी बरतना भी एक वजह थी। शुक्रवार को 10 साल के बॉन्ड की आगामी नीलामी के अनुमान से बिकवाली का दबाव बढ़ा। एक प्राइमरी डीलरशिप के डीलर ने कहा, ‘विदेशी बैंक सबसे बड़े बिकवाल थे, उन्होंने मुनाफा कमाया। उसके बाद निजी बैंकों का स्थान है।’

Advertisement