क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) को दो अंक में वृद्धि की संभावना दिख रही है, क्योंकि भारत में आइसक्रीम कैटेगरी की पैठ अभी उतनी नहीं है जितनी होनी चाहिए। हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) से अलग होने के बाद कंपनी का शेयर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुआ। सोमवार को एनएसई पर क्वालिटी वॉल्स का शेयर 29.2 रुपये पर बंद हुआ जिससे कंपनी की वैल्यू 6,861 करोड़ रुपये हो गई।
क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) के उप प्रबंध निदेशक और कार्यकारी निदेशक चित्रांक गोयल ने बिजनेस स्टैंडर्ड को एक साक्षात्कार में बताया, ‘जब आप भारत में विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों को देखते हैं, तो कुछ ही ऐसी हैं जिनमें अगले डेढ़ दशक या उससे अधिक समय तक अच्छी दो अंक बिक्री वृद्धि की संभावना है। हमें लगता है कि हम आगे बढ़ते हुए इस अवसर को हासिल करने के लिहाज से सबसे अच्छी स्थिति में हैं।’
उन्होंने कहा कि भारत कम पैठ वाला देश है। भारत जैसे दूसरे बाजारों में भी खपत अच्छी है। यूरोमॉनिटर इंटरनैशनल के अनुसार भारत की प्रति व्यक्ति खपत लगभग 400-500 मिलीलीटर है।
क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) के सीएफओ प्रशांत प्रेमराजका ने कहा कि प्रति व्यक्ति खपत कम होने, कम पैठ के बावजूद, बाजार का आधा हिस्सा अभी भी असंगठित क्षेत्र में है। इससे कंपनी के लिए तेजी से आगे बढ़ने और श्रेणी को प्रीमियम बनाने की गुंजाइश है।
अमूल के बाद कंपनी भारत के आइसक्रीम बाजार में दूसरे स्थान पर है और इस श्रेणी में उसकी 10 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है। गोयल ने कहा कि क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) के बाजार में लगभग 200,000 ‘कूलर’ हैं और पूरी श्रेणी में लगभग दस लाख कूलर हैं।
द मैग्नम आइस क्रीम कंपनी (टीएमआईसीसी) ने क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) लिमिटेड में नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदने के बाद 21.33 रुपये प्रति शेयर पर 26 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक ओपन ऑफर पेश किया है। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार इस ऑफर की वैल्यू लगभग 1,303 करोड़ रुपये है।
सोमवार को घोषित यह ओपन ऑफर द मैग्नम आइसक्रीम कंपनी होल्डको 1 नीदरलैंड्स बी. वी. और इसके साथ काम करने वाले लोगों, मैग्नम आईसीसी फाइनैंस बी. वी. और द मैग्नम आइसक्रीम कंपनी एन. वी. की ओर से लाया गया है। अगर इसे पूरी तरह से स्वीकार कर लिया जाता है, तो आइसक्रीम बनाने वाली कंपनी में खरीदने वाले की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 88 फीसदी हो जाएगी।