facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी टैरिफ का झटका: सोलर निर्यात पर दबाव, घरेलू क्षमता में ओवरसप्लाई का खतराफरवरी में FPI निवेश 17 महीने के हाई पर, करीब तीन साल बाद म्युचुअल फंड बने शुद्ध बिकवालSEBI का सख्त आदेश: सोशल मीडिया सामग्री के लिए पहचान का खुलासा अनिवार्यSEBI का बड़ा फैसला: गोल्ड-सिल्वर वैल्यूएशन अब घरेलू स्पॉट प्राइस से तय होगाबदलेंगे स्मार्टफोन PLI नियम! अगले चरण में उत्पादन के बजाय लोकल वैल्यू-एडिशन को मिल सकती है प्राथमिकताRBI के स्पष्टीकरण से UPI लेनदेन पर राहत, PhonePe-Paytm को बड़ा फायदाटैरिफ पर अनिश्चितता के बीच हॉवर्ड लटनिक और पीयूष गोयल में ‘सार्थक’ बातचीतएंटरप्राइज एआई में तेजी से बढ़त: यूनिफोर को भारत में दिख रहीं अपार संभावनाएंiPhone के ग्लोबल उत्पादन का 30% भारत में होने की संभावना, Apple की रणनीति में बदलाव की उम्मीद नहींस्टार्टर तकनीक के लिए सेडेमैक की नजर ग्लोबल बाजार पर, टीवीएस-बजाज के बाद विदेशी OEM से बातचीत तेज

केंद्र के पूंजीगत खर्च में 51% वृद्धि 

Advertisement

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का पूंजीगत व्यय जनवरी में बीते साल के इस महीने की तुलना में 63 फीसदी कम हो गया।

Last Updated- March 03, 2025 | 10:24 PM IST
Capex

केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय में जनवरी 2025 में सालाना आधार पर 51 फीसदी से अधिक का इजाफा दर्ज हुआ है। लेखा महानियंत्रक के आंकड़ों के अनुसार इसमें इजाफा प्रमुख तौर पर रेलवे पर खर्च, राज्यों को अंतरण और रक्षा सेवाओं पर पूंजीगत परिव्यय के कारण हुआ है। 

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का पूंजीगत व्यय जनवरी में बीते साल के इस महीने की तुलना में 63 फीसदी कम हो गया। मंत्रालय ने वित्त वर्ष 25 के अप्रैल से जनवरी की अवधि में बजट के कुल पूंजीगत व्यय का 87 फीसदी पूरा कर लिया है और यह वित्त वर्ष 24 के स्तर के बराबर ही है।

देश में अन्य प्रमुख पूंजीगत व्यय करने वाले विभाग रेलवे ने जनवरी 2024 की तुलना में जनवरी 2025 में 11 फीसदी अधिक खर्च किया। रेल मंत्रालय ने वित्त वर्ष 25 की अप्रैल-जनवरी की अवधि में बजट में आवंटित राशि का 83 फीसदी उपयोग किया है जबकि वित्त वर्ष 24 की इस अवधि में 84 फीसदी व्यय किया था। 

राज्यों को राशि का अंतरण जनवरी 2024 की तुलना में जनवरी 2025 में 87 प्रतिशत अधिक था। राज्यों को धन ज्यादा अंतरण होने से कुल मिलाकर पूंजीगत व्यय को बढ़ावा मिला। केंद्र ने वित्त वर्ष 25 की अप्रैल से जनवरी की अवधि में राज्यों के अंतरण में पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित कोष का 89 फीसदी खर्च किया जबकि वित्त वर्ष 24 की इस अवधि में 67 फीसदी खर्च किया था। डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा, ‘पूंजीगत व्यय दिसंबर और जनवरी में अधिक रहा। केंद्र ने 10 महीनों में लक्ष्य का करीब 75 फीसदी व्यय किया है। यह बीते दो महीनों में ही यह 52 फीसदी बढ़कर 75 फीसदी हो गया है। अगर पिछड़े क्षेत्रों में खर्च को बढ़ावा दिया जाता है तो वे अगले दो महीनों में लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

Advertisement
First Published - March 3, 2025 | 10:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement