facebookmetapixel
Advertisement
Bank Holidays: अप्रैल में बैंक कब खुलेंगे और कब रहेंगे बंद? इस महीने बैंक जाने से पहले देख लें ये छुट्टियों की पूरी लिस्ट₹1950 करोड़ के ऑर्डर से 7% चढ़ा Defence Stock, एक्सपर्ट बोले – वापस ऑल टाइम हाई जाने का रखता है दम80% तक रिटर्न का मौका! Hotel Stocks में गिरावट के बीच ब्रोकरेज का बड़ा दांवOracle Layoffs: भारत में 12,000 कर्मचारियों की छुट्टी, अब किसकी बारी76% रिटर्न! सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- AI से बहुत कम खतरा; BUY का मौकाGold-Silver Price Today: MCX पर सोने की चमक बरकरार, चांदी के फिसले दाम; चेक करें आज के रेटFY27 में कहां निवेश करें: शेयर, रियल एस्टेट, बॉन्ड, सोना, चांदी या तेल?पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ मजबूत, आगे की राह पर नजरUpGrad का बड़ा प्लान, 50 नए ऑफलाइन सेंटर खोलकर छोटे शहरों में बनाएगा स्किल हबयूरोप ने घटाई भारत से तेल खरीद, निर्यात में रिकॉर्ड गिरावट; कंपनियों की बढ़ी चिंता

व्य​क्तिगत गारंटी पर लग सकता है 18% जीएसटी!

Advertisement

केंद्र इस संबंध में जल्द ही सर्कुलर जारी करेगा जिससे कर देनदारी बढ़ सकती है

Last Updated- October 08, 2023 | 10:22 PM IST
जीएसटी कलेक्शन से भरी सरकार की तिजोरी, मार्च में आया 1.78 लाख करोड़ रुपये , GST Collection: Government's coffers filled with GST collection, Rs 1.78 lakh crore received in March

कंपनी को मंजूर किए जाने वाले ऋण के संबंध में निदेशकों, प्रवर्तकों द्वारा बैंक को दी जाने वाली व्य​क्तिगत गारंटी को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाया जा सकता है।

एक सरकारी अ​धिकारी ने कहा कि केंद्र द्वारा इस संबंध में ‘विशेष’ मामलों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक सर्कुलर जारी किए जाने की संभावना है, जिससे व्य​क्तिगत गारंटी के मामले में 18 प्रतिशत की कर देनदारी को बढ़ावा मिल सकता है।

ये विशेष मामले ऐसे हालात से जुड़े हो सकते हैं जिनमें निदेशक (जिसने गारंटी दी थी) अब प्रबंधन से जुड़ा नहीं है, लेकिन उसकी गारंटी जरूरी है और बरकरार है, क्योंकि नए प्रबंधन की गारंटी या तो उपलब्ध नहीं है या फिर अपर्याप्त है। अ​धिकारी ने स्पष्ट किया कि इसके अलावा, जिन मामलों में प्रवर्तकों, मौजूदा निदेशकों, अन्य प्रबंधन कर्मियों और उधार लेने वाली कंपनियों के शेयरधारकों को किसी भी तरीके (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष) से पारिश्रमिक का भुगतान किया गया हो, उनमें भी जीएसटी देनदारी बढ़ सकती है।

जीएसटी परिषद ने शनिवार को हुई अपनी बैठक में निदेशकों, प्रवर्तकों द्वारा दी जाने वाली व्य​क्तिगत गारंटी पर कर लगाए जाने को लेकर चिंताओं को दूर किया। इस बैठक में जीएसटी परिषद ने स्पष्ट किया कि उन लेनदेन पर कोई कर नहीं लगेगा, जिनमें संबं​धित वैल्यू शून्य हो।

ईवाई इंडिया में टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा, ‘व्य​क्तिगत गारंटी के संदर्भ में स्पष्टता आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है।’जीएसटी के तहत रिवर्स चार्ज का मतलब है कि कर आपूर्तिकर्ता के बजाय सीधे तौर पर प्राप्तकर्ता द्वारा चुकाया जाएगा।

इसके विपरीत,जीएसटी परिषद ने संबं​धित व्य​क्तियों (जिसमें हो​ल्डिंग कंपनी द्वारा अपनी सहायक इकाई को दी गई गारंटी भी शामिल है) को दी गई कॉरपोरेट गारंटी पर 18 प्रतिशत कर लगाने का भी निर्णय लिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कॉरपोरेट गारंटी के संबंध में निर्णय व्यावसायिक वास्तविकता के अनुरूप नहीं है।

Advertisement
First Published - October 8, 2023 | 10:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement