facebookmetapixel
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 18.3% का इजाफा, बजट बढ़कर ₹35.1 लाख करोड़ पहुंचामॉनसून पर मंडराया अल नीनो का साया: स्काईमेट ने जताई 2026 में सूखे और कम बारिश की गंभीर आशंकाPDS में अनाज की हेराफेरी पर लगेगा अंकुश, सरकार लाएगी डिजिटल ई-रुपी वाउचरIndia- EU FTA से 5 साल में यूरोप को निर्यात होगा दोगुना, 150 अरब डॉलर तक पहुंचेगा व्यापार: पीयूष गोयलMoody’s का दावा: यूरोपीय संघ के साथ समझौता भारत को देगा बड़ा बाजार, अमेरिकी टैरिफ से मिलेगी सुरक्षाRBI का नया कीर्तिमान: स्वर्ण भंडार और डॉलर में उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा भंडार सर्वकालिक उच्च स्तर परBPCL की वेनेजुएला से बड़ी मांग: कच्चे तेल पर मांगी 12 डॉलर की छूट, रिफाइनिंग चुनौतियों पर है नजरमासिक धर्म स्वास्थ्य अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार: छात्राओं को मुफ्त मिलेगा सैनिटरी पैड500 यूनिवर्सिटी छात्रों को मिलेंगे GPU और AI टूल्स, इंडिया AI मिशन का दायरा बढ़ाएगी सरकारराज्यों के पूंजीगत व्यय की धीमी रफ्तार: 9 महीनों में बजट का केवल 46% हुआ खर्च, केंद्र के मुकाबले पिछड़े

Zee और पुनीत गोयनका की मुश्किलें बढ़ीं, SEBI ने सेटलमेंट अर्जी ठुकराई, बड़ी जांच शुरू

SEBI ने जांच का दायरा और बड़ा कर दिया है, जिसमें Zee के पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद्रा भी शामिल हैं।

Last Updated- January 02, 2025 | 7:52 PM IST
Zee Entertainment Share

Zee Entertainment और उनके CEO पुनीत गोयनका के लिए बुरी खबर है। SEBI ने LODR नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में उनकी सेटलमेंट अर्जी खारिज कर दी है। साथ ही, SEBI ने जांच का दायरा और बड़ा कर दिया है, जिसमें Zee के पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद्रा भी शामिल हैं।

क्या है मामला?

जुलाई 2022 में SEBI ने Zee और पुनीत गोयनका को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। आरोप था कि कंपनी ने लिस्टिंग नियमों का उल्लंघन किया है। इस मामले में Zee ने सेटलमेंट के लिए आवेदन दिया, लेकिन SEBI के पूर्णकालिक सदस्यों (Whole Time Members) ने इसे खारिज कर दिया।

अब SEBI ने नई जांच शुरू करने का फैसला लिया है। पिछले नोटिस में लगे आरोप और जांच रिपोर्ट को नई कार्रवाई का हिस्सा बनाया जाएगा।

पुराने आरोपों की फेहरिस्त

अगस्त 2023: SEBI ने सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका को Zee समेत 4 ग्रुप कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया।
जून 2023: Essel Group की कंपनी Shirpur Gold Refinery से फंड डायवर्जन और धोखाधड़ी के आरोप लगे।

Sony के साथ Zee का मर्जर परवान नहीं चढ़ा

SEBI की इस कार्रवाई के कारण Zee और Sony के भारतीय यूनिट के बीच 10 अरब डॉलर का मर्जर अधर में लटक गया। SEBI की जांच में फंड डायवर्जन का मामला सामने आया, जिसमें ₹2,000 करोड़ का लेटर ऑफ कम्फर्ट (LoC) शामिल था। बाद में ₹4,210 करोड़ का एक और LoC जांच के दायरे में आया।

क्या होगा आगे?

SEBI का कहना है कि नई जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर SEBI Act 1992 की धारा 11B के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, Securities Appellate Tribunal (SAT) ने पुनीत गोयनका को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन संकट अभी टला नहीं है।

First Published - January 2, 2025 | 7:52 PM IST

संबंधित पोस्ट