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विस्ट्रॉन: नहीं बदलेगी योजना

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Last Updated- December 14, 2022 | 6:36 PM IST

अपनी दीर्घावधि आपूर्तिकर्ता विस्ट्रॉन पर आए संकट के बाद ऐपल समाधान की राह निकालने की हर कोशिश कर रही है।

पूरे भारत में अपनी सभी निर्माण इकाइयों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने से लेकर कंपनियों के साथ दीर्घावधि श्रम आपूर्ति अनुबंध करने के लिए, आईफोन और मैकबुक निर्माता विस्ट्रॉन अब इस संकट का समाधान निकालने के लिए मध्यस्थों पर ध्यान दे रही है। इस घटनाक्रम से अवगत लोगों का कहना है कि चूंकि यह घटना विस्ट्रॉन की सबसे बड़ी निर्माण इकाइयों में से एक बेंगलूरु में हुई है, जो नए पेश आईफोन एसई को एसेंबल करती है, जिससे ऐपल ने दीर्घावधि समाधान हासिल करने के लिए कई टीमें बनाई हैं।

जहां टीमों के सदस्यों को देश में पेशेवरों की मौजूदा सेना से चुना गया है, वहीं दूर बैठे अधिकारियों के एक समूह को मार्गदर्शन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा, कर्नाटक संयंत्र में पैदा हुई अशांति को देखते हुए आगे के कदम पर विचार-विमर्श के लिए नई दिल्ली में मंगलवार को अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई।

ऐपल अब श्रमिक आंदोलन के लिए नई नहीं है, न ही उसकी वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं फॉक्सकौन, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन के लिए यह नई बात है। श्रम अधिकारों के उल्लंघन के आरोप चीन में 2010 से उसकी प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ लगे थे। चीन में फॉक्सकॉन के आईफोन की बड़ी तादाद में उत्पादन हुआ था।

पिछले दशक में हालांकि मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) ने कई बड़े संकटों का मुकाबला किया, जिनसे ऐपल के आईफोन और मैकबुक की आपूर्ति प्रभावित हो सकती थी।

सूत्रों के अनुसार, ओईएम और ऐपल से श्रम कानून विश्लेषकों की एक टीम गंभीरता से मामले पर नजर रख रही है, क्योंकि भारत के श्रम कानून बड़े पैमाने पर बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं।

वैश्विक निर्माताओं को आकर्षित करने के भारत के ताजा प्रयासों पर नकारात्मक प्रभाव की चिंताओं के बीच ऐपल इसे लेकर आश्वस्त दिख रही है कि वह संकट का मुकाबला कर लेगी।

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First Published - December 17, 2020 | 11:18 PM IST

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