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Tata Technologies का अमेरिका में निवेश टला? CEO ने बताया निवेश में देरी का कारण

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Tata Technologies को उम्मीद है कि अगले एक-दो महीनों में नीति से जुड़ी अनिश्चितता खत्म हो सकती है, जिससे निवेश को लेकर आगे की रणनीति पर फैसला लेना आसान होगा।

Last Updated- March 17, 2025 | 7:25 AM IST
Tata Technologies q3 results
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टाटा टेक्नोलॉजीज के अमेरिका में निवेश को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कंपनी के CEO और MD वारेन हैरिस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है, जिससे निवेश के फैसले में देरी हो सकती है।

हैरिस ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा, “हम अमेरिका में लॉन्गटर्म रूप से निवेश को लेकर आशावादी हैं, लेकिन टैरिफ जैसी नीतियों पर स्पष्टता की कमी हमारे ग्राहकों के लिए फायदेमंद नहीं है। इसी वजह से हमारे निवेश निर्णय भी प्रभावित हो सकते हैं।”

हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि अगले एक-दो महीनों में नीति से जुड़ी अनिश्चितता खत्म हो सकती है, जिससे निवेश को लेकर आगे की रणनीति पर फैसला लेना आसान होगा।

टैरिफ को लेकर स्पष्टता जरूरी: हैरिस

टैरिफ वॉर के असर पर पूछे गए सवाल के जवाब में हैरिस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन को बने अभी दो महीने भी नहीं हुए हैं। ऐसे में उम्मीद है कि अगले एक या दो महीने में नीतिगत मामलों को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा, “चाहे हम टैरिफ को पसंद करें या नहीं, लेकिन सबसे जरूरी चीज स्पष्टता है। जब ग्राहकों को स्थिति स्पष्ट होगी, तो वे उसी के मुताबिक बदलाव कर सकेंगे।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या टाटा टेक्नोलॉजीज किसी भी स्थिति के लिए तैयार है, तो हैरिस ने कहा, “बिल्कुल, हम बाजार की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखते हैं। पिछले 12 महीनों ने हमें सिखाया है कि हमें हमेशा चुस्त और लचीला रहना होगा।”

अलग-अलग बाजारों के अनुसार ढलना जरूरी: हैरिस

टाटा टेक्नोलॉजीज के एक अधिकारी हैरिस ने स्पष्ट किया कि कंपनी शुल्क जैसी नीतियों की समर्थक नहीं है। उन्होंने कहा, “हम एक वैश्विक कंपनी हैं और मुक्त व्यापार का समर्थन करते हैं।”

हैरिस ने यह भी बताया कि टाटा टेक्नोलॉजीज अलग-अलग बाजार स्थितियों को समझने और उनके अनुसार ढलने में सक्षम है। उन्होंने कहा, “यूरोप की स्थिति उत्तरी अमेरिका से अलग है, वहीं चीन और भारत के बाजार भी एक-दूसरे से काफी भिन्न हैं।”

उन्होंने यह भी जोर दिया कि कंपनी लचीलेपन और चुस्ती के साथ बाजार में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वैश्विक परिवर्तनों के अनुसार खुद को ढाला जा सके।

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First Published - March 17, 2025 | 7:25 AM IST

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