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वोडा-आइडिया जुटाएगी पूंजी

Last Updated- December 15, 2022 | 2:33 AM IST

दूसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड शेयर बिक्री तथा नए निवेशकों से कर्ज के जरिये 25,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। ब्रिटेन की वोडाफोन पीएलसी और भारत के आदित्य बिड़ला समूह के साझे उपक्रम वाली इस कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में आज यह फैसला लिया गया।

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि फैसले के मुताबिक 15,000 करोड़ रुपये तक की रकम इक्विटी शेयर बेचकर जुटाई जाएगी और इतनी ही रकम गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के निजी नियोजन या सार्वजनिक पेशकश के जरिये लाई जाएगी। मगर कुल 25,000 करोड़ रुपये से अधिक नहीं उगाहे जाएंगे। दोनों प्रस्ताव 30 सितंबर को शेयरधारकों की सालाना आम बैठक में मंजूरी के लिए पेश किए जाएंगे।

कंपनी के प्रवर्तक इक्विटी निवेश के लिए अमेरिका के कई निवेशकों के साथ बात कर रहे हैं। एक सूूत्र ने बताया कि कुछ निवेशकों से बात हुई है लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। दूरसंचार विश्लेषकों के मुताबिक पूंजी जुटाने से कंपनी को सिर पर मंडरा रहे वित्तीय संकट से निपटने में मदद मिलेगी क्योंकि वोडाफोन पीएलसी तथा आदित्य बिड़ला समूह ने इस घाटे वाली कंपनी में और रकम डालने से मना कर दिया है। कंपनी को 16,000 करोड़ रुपये की सालाना स्पेक्ट्रम देनदारी चुकानी है, कर्ज पर 5,000 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाना है और अगले वित्त वर्ष से समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के 6,424 करोड़ रुपये सालाना चुकाने हैं। ऐसे में रकम जुटाने से कंपनी को मदद मिलेगी और खर्च बचाने के दूसरे कदमों से अगले 18 महीनों में उसके करीब 4,000 करोड़ रुपये भी बच जाएंगे।

पूंजी जुटाने की योजना ऐसे वक्त में बनाई गई है, जब वोडा-आइडिया को बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए रिलायंस जियो और भारती एयरटेल से जूझना पड़ रहा है। पिछले साल अक्टूबर में एजीआर पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का कंपनी पर बहुत असर पड़ा है। फैसले के मुताबिक कंपनी सरकार को 58,254 करोड़ रुपये देगी। उसके लिए राहत केवल इतनी है कि इसी मंगलवार को अदालत ने बकाया चुकाने के लिए 10 साल की मोहलत दे दी। एजीआर के खाते में वोडा-आइडिया अभी तक 7,854 करोड़ रुपये दे चुकी है।

अदालत के आदेश के बाद वोडाफोन आइडिया का शेयर चढ़ा था मगर आज यह 4.3 फीसदी गिरकर 12 रुपये के भाव पर बंद हुआ।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वोडाफोन आइडिया का घाटा वित्त वर्ष 2020 की मार्च तिमाही के 11,643.50 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,460 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही से घाटा 100 फीसदी और साल भर पहले के मुकाबले 400 फीसदी बढ़ गया है। यह हालत एजीआर का बकाया चुकाने के लिए 19,923 करोड़ रुपये का इंतजाम करने और परिचालन घाटा बढऩे से हुई है। कंपनी की प्रति ग्राहक औसत आय (एआरपीयू) में भी कमी आई है, जो पिछली तिमाही में घटकर केवल 114 रुपये रह गई। ग्राहक बनाए रखने के लिए कंपनी ने भी वैधता अवधि बढ़ा दी और मुफ्त टॉकटाइम भी दिया। इसके बाद भी उसके ग्राहकों की संख्या जून तिमाही में घटकर 27.98 करोड़ रह गई, जो मार्च तिमाही में 29.11 करोड़ थी।

इस साल 31 मार्च को वोडा-आइडिया की नेटवर्थ 5,980 करोड़ रुपये थी, जो जून तिमाही में घाटा बढऩे की वजह से और कम रह गई। 30 जून को कंपनी पर कुल 1,18,940 करोड़ रुपये का कर्ज था, जिसमें स्पेक्ट्रम की देनदारी भी शामिल है।

First Published - September 4, 2020 | 11:07 PM IST

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