facebookmetapixel
Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी आत्मनिर्भर और मजबूत भारत की झलक‘मन की बात’ में बोले PM मोदी: भारतीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के प्रतीक बनें और उद्योग उत्कृष्टता अपनाएPadma Awards 2026: अ​भिनेता धर्मेंद्र, वीएस अच्युतानंदन, उदय कोटक समेत 131 को पद्म पुरस्कार दुनिया को शांति का संदेश दे रहा भारत, महिलाओं की भागीदारी को 2047 तक विकसित भारत की नींव: राष्ट्रपतिबच्चों की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित करने के लिए चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान जरूरी, लक्ष्य पूरे करने में होगा मददगार2026 में भारत की नजरें पांच अहम आर्थिक और वैश्विक घटनाओं पर टिकीं रहेंगीEditorial: बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत का गणराज्य और तेज आर्थिक सुधारों की राहडॉलर के दबदबे को चुनौती देती चीन की मुद्रा रणनीति, भारत के लिए छिपे हैं बड़े सबकपेंशन फंड को आधुनिक बनाने की पहल: NPS निवेश ढांचे में बदलाव की तैयारी, PFRDA ने बनाई समितिईंधन लागत पास-थ्रू और सुधारों से बदली तस्वीर, दशक भर बाद बिजली वितरण कंपनियां मुनाफे में लौटीं

उपयोगकर्ताओं को नहीं भाया स्विगी का ‘प्लेटफॉर्म शुल्क’

Last Updated- May 01, 2023 | 10:37 PM IST
Swiggy
BS

खान-पान डिलिवरी के ऑर्डर पर फूड एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म – स्विगी के दो रुपये के नये प्लेटफॉर्म शुल्क पर पिछले सप्ताह इसे लागू किए जाने के बाद से ग्राहकों की नाराजगी दिखाई दे रही है, जिसे सभी उपयोगकर्ताओं पर लगाया गया था, ऑर्डर का मूल्य भले ही कुछ भी हो। इस कदम पर स्विगी के उपयोगकर्ताओं ने गुस्सा जाहिर किया है, जिन्होंने अपनी इस तकरार को आवाज देने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।

एक नाराज ग्राहक महेश मोहन ने ट्वीट करते हुए कहा, वाऊ! स्विगी खाद्य डिलिवरी कंपनी नहीं है। यह फूड ट्रेडिंग कंपनी है, जो कम कीमत पर खान-पान खरीदती है और फिर उसे ज्यादा दामों पर बेचती है। और फिर उस पर वितरण शुल्क है। और अब वे प्लेटफॉर्म शुल्क भी लेना चाहते हैं।

इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए स्विगी के एक अन्य उपयोगकर्ता दिगांत भादुड़ी ने लिखा, स्विगी से ऑर्डर देना बंद करने का वक्त आ गया। पहले तो वे रेस्तरां से भारी कमीशन लेते हैं, फिर वे डिलिवरी शुल्क + सर्ज लेते हैं और अब प्लेटफॉर्म शुल्क।

बेंगलूरु और हैदराबाद के उपयोगकर्ताओं पर यह शुल्क लगाकर शुरुआत की जा रही है। हालांकि, ट्विटर पर कुछ उपयोकर्ताओं ने दावा किया है कि यह शुल्क चेन्नई में भी लागू है। इस बात के आसार हैं कि यह शुल्क, जो फिलहाल केवल खाद्य डिलिवरी के ऑर्डर पर ही लगाया गया है, कंपनी की क्विक कॉमर्स शाखा इंस्टामार्ट के ऑर्डरों पर नहीं, का अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार किया जा सकता है।

एक ट्वीट में अमितेश राउत ने सवाल किया कि स्विगी भोजन के लिए पहले से ही रेस्तरां द्वारा वसूली जाने वाली राशि से ज्यादा पैसा लेती है, फिर डिलिवरी शुल्क और अब एक नया प्लेटफॉर्म शुल्क। यह प्लेटफॉर्म शुल्क किस बात के लिए, आपकी आप का इस्तेमाल करने के लिए?

यहां तक कि स्विगी वन, जो कंपनी की ऐसी सदस्यता पेशकश है, जहां ग्राहकों को डिलिवरी शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ता है, के उपयोगकर्ताओं के लिए भी प्लेटफॉर्म शुल्क का भुगतान जरूरी है। अंकित अग्रवाल ने कहा, मैं स्विगी वन के लिए मैंआपको पहले ही सदस्यता शुल्क का भुगतान कर चुका हूं। मुझे हर ऑर्डर के लिए प्लेटफॉर्म शुल्क का भुगतान करने की क्या जरूरत।

First Published - May 1, 2023 | 10:37 PM IST

संबंधित पोस्ट