facebookmetapixel
Advertisement
धारावी पुनर्विकास से जुड़े हर सवाल का जवाब देगी धारावी दीदी, 24×7 उपलब्ध रहेगा AI असिस्टेंटBPCL Q1FY27 Results: पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाने का पड़ा असर, ₹3,962 करोड़ के घाटे में कंपनीदिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: गुजरात में वेदांता के ऑयल ब्लॉक का विस्तार रद्द, ONGC संभालेगी कमानपार्श्वनाथ मामले में सुप्रीम कोर्ट का अल्टीमेटम, 12% ब्याज के साथ पूरी रकम जमा करो, नहीं तो होगी जेलम्युचुअल फंड इंडस्ट्री में जल्द दस्तक देगी कार्नेलियन, SEBI से मिली मंजूरीखाद्य तेलों पर बढ़ सकती है आयात निर्भरता, तिलहन फसलों की बुवाई अब भी सामान्य से 26% कमEternal Q1FY27 Results: मुनाफा 268% बढ़कर ₹92 करोड़, रेवेन्यू भी 182% बढ़ाSBI फंड्स vs HDFC AMC vs ICICI प्रूडेंशियल AMC: निवेश के लिए कौन बेहतर?टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में रहते हैं? अब RajmargYatra App से घर बैठे बनवाएं Local Pass; चेक करें ऑनलाइन प्रोसेसPM किसान की किस्त रुकी है? ऐसे दर्ज करें ऑनलाइन शिकायत

यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स की नजर क्रॉस बॉर्डर फंड पर

Advertisement

यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स अमेरिका में परिचालन विस्तार की योजना बना रहा है, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नेटवर्किंग मंच के निर्माण पर जोर।

Last Updated- September 05, 2024 | 10:51 PM IST
Bhaskar Majumdar, Co-Founder, And Managing Partner, Unicorn India Ventures
भास्कर मजूमदार, सह-संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर, यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स

अपना तीसरा फंड बंद करने के करीब वेंचर कैपिटल फर्म यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स अब क्रॉस बॉर्डर वेंचर फर्म बनने की दिशा में काम कर रही है। भले ही कंपनी को इस लक्ष्य को हासिल करने में कुछ वर्षों का समय लग सकता है मगर इसके लिए जमीनी कार्य कंपनी के संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर भास्कर मजूमदार के नेतृत्व में शुरू कर दिया गया है।

क्रॉस बॉर्डर फंड की अपनी अनूठी विशेषताएं होती हैं। वे फंड को दो देशों में मजबूत संबंध बनाने और एक नेटवर्क बनाने की अनुमति देते हैं जो दोनों क्षेत्रों को शामिल करता है। भारत में फिलहाल सिर्फ नेक्सस वेंचर पार्टनर्स एकमात्र उद्यम पूंजी (वीसी) है, जिसके पास ऐसी संरचना है। मजूमदार ने कहा, ‘एक बार जब हम तीसरा फंड बंद कर देंगे तब हम अमेरिका में अपना परिचालन स्थापित करने पर ध्यान देंगे।’

मजूमदार के लिए यह कुछ अलग और बड़ा करने के लिए यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स को फिर से स्थापित करने का भी मौका है। उन्होंने कहा, ‘मैं वहीं काम जारी रख सकता हूं या फिर खुद को नया रूप दे सकता हूं और कुछ ऐसा देख सकता हूं जो यूआईवी को एक अलग स्तर पर ले जाए।’

फंड में सीमित साझेदारों (एलपी) को आकर्षित करने की क्षमता के अलावा यूआईवी के लिए दूसरा बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों और खासकर अमेरिका में अपनी पोर्टफोलियो फर्मों के लिए एक नेटवर्किंग मंच प्रदान करना है।

मजूमदार ने कहा, ‘हम वीसी, टीम आदि के तौर पर एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना चाहते हैं। मगर सबसे जरूरी है कि इससे हमें साथ में निवेश करने वाले और नई कंपनियों को भी नए परिवेश में लाने की क्षमता मिलेगी। आज, सीरीज बी के बाद कुछ ही लोग हैं जो बड़े पैमाने पर फंडिंग करते हैं। हम पूंजी के एक वैकल्पिक स्रोत बनना चाहते हैं।’

Advertisement
First Published - September 5, 2024 | 10:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement