facebookmetapixel
Advertisement
Sugar Price: मॉनसून की मार से चीनी महंगी, जानें क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और आगे क्या होगा?कच्चे तेल की कीमतें घटीं, फिर भी पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों? हरदीप पुरी ने बताई वजहInvesco Mutual Fund ने SIF सेगमेंट में रखा कदम, लॉन्च किया समिट इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड; क्या है इसमें खास?India-EU FTA: 10-12 दिन में पूरी होगी कानूनी समीक्षा, गोयल बोले- साल के अंत तक होगी डील30 चुनिंदा मिडकैप शेयरों में निवेश का मौका, 17 जुलाई तक खुला रहेगा MOMF का नया इंडेक्स फंडMirae Asset MF ने उतारे 2 नए मिडकैप फंड, ₹5,000 से निवेश शुरू; प्राइस मोमेंटम वाले शेयरों पर फोकसविदेशी फंड्स में लौटी निवेशकों की दिलचस्पी, 40% रिटर्न और ₹7,600 करोड़ के इनफ्लो ने बदला ट्रेंडSBI Mutual Fund का IPO अगले हफ्ते आ सकता है, ₹11,400 करोड़ जुटाने की तैयारी: रिपोर्टModi-Takaichi बैठक में बड़ा फैसला! AI, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस में भारत-जापान मिलकर करेंगे कामRed Bull से Monster तक कई एनर्जी ड्रिंक कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा, भ्रामक दावों पर भेजा नोटिस

मानसून अच्छा रहने पर चीजें सुधरेंगी, रिलायंस के प्रवेश से ‘दिक्कत’ नहीं : विप्रो कंज्यूमर केयर

Advertisement

विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के पास चंदन साबुन ‘संतूर’ जैसे ब्रांड हैं

Last Updated- April 23, 2023 | 12:32 PM IST
Rural demand growing at a very slow pace, Wipro Consumer Care revealed

बाजार में उपभोक्ता उत्पादों की मांग में थोड़ा सुधार हुआ है लेकिन चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं और मानसून अच्छा रहने पर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में साल की दूसरी छमाही में स्थिति सुधर सकती है। विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनीत अग्रवाल ने यह बात कही है।

विप्रो एंटरप्राइजेज के प्रबंध निदेशक अग्रवाल ने कहा कि रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामान (एफएमसीजी) क्षेत्र में रिलायंस के प्रवेश से कंपनी अनावश्यक रूप से परेशान नहीं है, क्योंकि उपभोक्ता ब्रांड के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं।

उन्होंने कहा कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में वृद्धि एफएमसीजी कंपनियों के लिए चुनौती है, हालांकि स्थिति में अब सुधार हो रहा है।

अग्रवाल ने पीटीआई-भाषा से कहा कि मांग के नजरिये से बाजार में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन चुनौतियां कायम हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह पुराने कोविड-पूर्व के समय की तरह नहीं है। मुझे लगता है कि छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्र अब भी चुनौती हैं, लेकिन चीजों में सुधार हो रहा है। उम्मीद है कि अगर मानसून अच्छा रहता है, तो हम बेहतर दूसरी छमाही देखेंगे। अच्छी बात यह है कि लागत मूल्य में कमी आई है। पिछले साल यूक्रेन युद्ध की वजह से लागत में उछाल आया था। जहां तक बाजार का सवाल है हमें सकारात्मक चीजें दिख रही हैं।’’

विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के पास चंदन साबुन ‘संतूर’ जैसे ब्रांड हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने साबुन के दाम पहले ही घटा दिए हैं। जो 100 ग्राम का साबुन पहले हम 38 रुपये में बेच रहे थे, वह अब घटकर 36 रुपये रह गया है।’’

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस के आक्रामक मूल्य निर्धारण के साथ एफएमसीजी खंड में प्रवेश के बारे में पूछे जाने पर अग्रवाल ने कहा कि इस क्षेत्र में सिर्फ दाम ही सबकुछ नहीं होता।

हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रिलायंस किसी भी श्रेणी में हो, उससे प्रतिस्पर्धा चुनौतीपूर्ण होती है।

Advertisement
First Published - April 23, 2023 | 12:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement