facebookmetapixel
Advertisement
Juniper Green Energy IPO: आज से खुला ₹1,800 करोड़ का IPO; जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज, GMP और अन्य डीटेलहोर्मुज छोड़ अब इस रास्ते से तेल भेज रहा सऊदी अरब, क्या है पूरी रणनीति?चीन की अर्थव्यवस्था पर संकट के संकेत? सरकार ने तुरंत बदली स्ट्रैटेजीMP Farmer Protest: मप्र सरकार ने आंशिक रूप से मानी मांगें, किसानों का प्रदर्शन खत्मITR Filing Alert: अभी तक नहीं भरा ITR? अब 48 घंटे से भी कम बचा है समय, जानें ऑनलाइन फाइल करने का आसान तरीकाभारत की सबसे बड़ी दौलत पर सिर्फ 10 लोगों का कब्जा, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा1 अगस्त से फिलहाल नहीं बदलेंगे ई-वे बिल के नियम, GSTN ने जारी की नई एडवाइजरीअब किराना खरीदने से लेकर बिजली बिल भरने तक होगी कमाई! Google Pay-SBI Card का नया क्रेडिट कार्ड आयाXtranet Technologies IPO Listing: NSE पर 7% प्रीमियम के साथ हुई एंट्री, BSE पर भी निवेशकों को मिला लिस्टिंग गेनLohia Corp Listing: IPO निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले! Lohia Corp की दमदार लिस्टिंग, पहले दिन ही ₹500 के ऊपर

एपिक सिस्टम्स मामले के लिए प्रावधान करेगी टीसीएस

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 11:03 PM IST

टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेज (टीसीएस) एपिक सिस्टम्स से जुड़े कारोबारी गोपनीयता चुराने के एक मामले के लिए एहतियाती प्रावधान करेगी। सॉफ्टवेयर बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी इस मामले के लिए एहतियातन 1,218 करोड़ रुपये अगल रखेगी। कंपनी 7 अक्टूबर को अपना वित्तीय परिणाम जारी करते हुए इस रकम को अपने बहीखाते पर असाधारण श्रेणी में रखेगी। इससे कंपनी को एपिक सिस्टम्स मामले में किसी भी तरह के कानूनी दावे से निपटने में मदद मिलेगी।
अगस्त में अमेरिका की एक अदालत ने यह माना था कि टीसीएस के खिलाफ 28 करोड़ डॉलर का दंडात्मक नुकसान काफी अधिक था। इसलिए अदालत ने हर्जाने की रकम को घटाकर आधा यानी 14 करोड़ डॉलर कर दिया था। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, ‘टीसीएस को कानूनी तौर पर सलाह दी गई है कि उसके पक्ष में सही और दमदार दलीलें हैं। अदालत का फैसला और हर्जाने की रकम में की गई कमी को सुनवाई के दौरान तथ्यों पर आधारित नहीं था।’
सितंबर 2020 में टीसीएस ने एक याचिका दायर कर क्षतिपूर्ति और हर्जाने दोनों मुद्दों पर नए सिरे से सुनवाई करने की मांग की थी। एपिक ने भी एक याचिका दायर कर अपील न्यायालय के निर्णय पर फिर से सुनवाई करने की मांग की है जिसके तहत क्षतिपूर्ति के मुकाबले हर्जाने की रकम अधिक दिए जाने को अवैध करार दिया गया है। टीसीएस ने कहा, ‘कानूनी दावे के लिए एहतियातन बहीखाते में प्रावधान किया जा रहा है।’
यह मामला अमेरिकी अदालत के उस आदेश से संबंधित है जिसके तहत 2016 में विस्कॉन्सिन की स्वास्थ्य सेवा सॉफ्टवेयर कंपनी ने टाटा समूह की दो कंपनियों- टीसीएस और टाटा अमेरिका इंटरनैशनल कॉरपोरेशन के खिलाफ मामला दायर कर कारोबारी गोपनीता को चुराने के आरोप में 94 करोड़ डॉलर का हर्जाना मांगा था।

Advertisement
First Published - October 6, 2020 | 12:10 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement