facebookmetapixel
निजी जीवन बीमाकर्ताओं के क्रेडिट लाइफ कारोबार में सुधार, माइक्रोफाइनेंस दबाव घटने से दिखी तेजीरूसी तेल नहीं खरीदने पर भारत ने जताई प्रतिबद्धता: व्हाइट हाउस का दावा, रूस बोला—योजना में कुछ नया नहींयेस बैंक की वृद्धि बहाली की कमान विनय टोंसे को, नए एमडी-सीईओ पर अगले चरण की जिम्मेदारीGold, Silver Price Today: सोना फिर ₹1.50 लाख से नीचे लुढ़का, चांदी में भी गिरावटऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने का लक्ष्य: पीयूष गोयलQ3 Results: कॉग्निजेंट का मुनाफा 19% बढ़ा, ट्रेंट के रेवेन्यू में इजाफा; जानें कैसे रहे बाकी कंपनियों के नतीजेइंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय वाइड-बॉडी उड़ानों में की कटौतीएंथ्रोपिक के एआई टूल से टेक कंपनियों में बढ़ी प्रतिस्पर्धाएआई कंपनी में संभावनाएं अपार: फ्रैक्टल एनालिटिक्स सीईओStocks to Watch today: Bharti Airtel से लेकर LIC और Tata Power तक; गुरुवार को इन स्टॉक्स पर फोकस

वाहन क्षेत्र में बड़ी हिस्सेदारी चाह रही टाटा स्टील

टाटा स्टील ओडिशा के कलिंगनगर में नया सीआरएम परिसर कर रही है मजबूत

Last Updated- July 17, 2024 | 11:25 PM IST
Tata Steel

टाटा स्टील वाहन क्षेत्र के इस्पात में अग्रणी स्थिति बनाए रखने तथा घरेलू और वैश्विक बाजार में आपूर्ति करने के लिए ओडिशा के कलिंगनगर में अपने नए कोल्ड रोलिंग मिलिंग (सीआरएम) परिसर को मजबूत कर रही है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस परिसर के इस्पात का एक बड़ा हिस्सा वाहन श्रेणी के लिए होगा। इस परिसर की सालाना क्षमता 22 लाख टन है और इसे वित्त वर्ष 23 में शुरू किया गया था।

वाहन उद्योग के स्तर के इस्पात के लिए महत्त्वपूर्ण प्रसंस्करण प्रणालियां – एनीलिंग और गैल्वनाइजिंग लाइनों पर काम चल रहा है। ये प्रणालियां अगली कुछ तिमाहियों के दौरान चालू हो जाने की उम्मीद है। टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (मार्केटिंग ऐंड सेल्स – फ्लैट प्रोडक्ट्स) प्रभात कुमार ने कहा कि नई कोल्ड रोलिंग और गैल्वनाइजिंग लाइनें वैश्विक विशिष्टताओं के अनुरूप इस्पात उत्पादन करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, ‘हालांकि हमारा ध्यान मुख्य रूप से घरेलू वाहन बाजार पर होगा, लेकिन हमारे पास निर्यात की जरूरतें पूरी करने वाली क्षमता भी है।’

कलिंगनगर परिसर में वैश्विक क्षमताएं निर्मित करने के लिए टाटा स्टील यूरोपीय कंपनियों के साथ सहयोग कर रही है। कुमार ने कहा ‘एक तरह से कहें तो टाटा स्टील यूरोप हमारी तकनीकी साझेदार है।’ उन्होंने कहा ‘हम नीदरलैंड और ब्रिटेन में अपनी इकाइयों के साथ मिलकर कोटेड क्षेत्र में इस्पात विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं, क्योंकि यूरोप में इसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है।’

भारत के ऑटो ग्रेड इस्पात बाजार में टाटा स्टील की करीब 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी निप्पॉन स्टील और जमशेदपुर कंटीन्यूअस एनीलिंग ऐंड प्रोसेसिंग कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम के तहत मलेशिया में एक यात्री वाहन विनिर्माता को थोड़ा निर्यात करती है।

जमशेदपुर के टाटा स्टील परिसर में वाहनों के हाई-ऐंड वाले कोल्ड रोलिंग (सीआर) इस्पात के लिए यह छह लाख टन वाली इकाई है। वाहन श्रेणी के लिए कोल्ड रोलिंग की जरूरतें जमशेदपुर, मेरामंडली और साहिबाबाद में कंपनी की अन्य लाइनों से भी पूरी की जाती हैं। टाटा स्टील देश में वाहन क्षेत्र के सभी प्रमुख मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) और उनकी सहायक कंपनियों को आपूर्ति करती है।

First Published - July 17, 2024 | 11:25 PM IST

संबंधित पोस्ट