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Tata Digital में 40 करोड़ डॉलर लगाएगी Tata Sons, TCS से मिले डिविडेंड से होगा निवेश

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यह फंडिंग योजना ऐसे समय में सामने आई है जब टाटा डिजिटल भारत के बेहद प्रतिस्पर्धी ई-कॉमर्स सेक्टर में मजबूत पकड़ बनाने के लिए संघर्ष कर रही है।

Last Updated- July 17, 2025 | 8:19 PM IST
TCS

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) अपनी डिजिटल कॉमर्स इकाई टाटा डिजिटल (Tata Digital) में 40 करोड़ डॉलर के निवेश करने की योजना बना रही है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह रकम टाटा संस को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से मिले डिविडेंड से आ सकती है। टाटा डिजिटल ग्रुप के कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स जैसे बिगबास्केट, टाटा 1mg और टाटा क्लिक का संचालन करती है। इस निवेश से इन प्लेटफॉर्म्स को और विस्तार देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि टाटा संस इस पहल के लिए TCS में अपनी हिस्सेदारी का और अधिक हिस्सा बेचने पर विचार नहीं कर रही है। वर्ष 2024 में, कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए TCS के शेयरों को बेचकर ₹9,300 करोड़ से अधिक जुटाए थे। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, टाटा संस को TCS से ₹32,700 करोड़ से अधिक का डिविडेंड मिला, जिसमें उसकी 71.77% हिस्सेदारी है। रिपोर्ट प्रकाशित होने तक टाटा संस और टाटा डिजिटल ने इस विषय पर भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया था।

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टाटा डिजिटल का संघर्ष

यह फंडिंग योजना ऐसे समय में सामने आई है जब टाटा डिजिटल भारत के बेहद प्रतिस्पर्धी ई-कॉमर्स सेक्टर में मजबूत पकड़ बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। इस वजह से कंपनी के लिए बाहरी निवेश आकर्षित करना भी मुश्किल हो गया है।

2021 में बड़े इरादों के साथ शुरू की गई टाटा डिजिटल ने एक ‘सुपर ऐप’ बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे ‘टाटा न्यू’ नाम दिया गया। इस प्लेटफॉर्म को किराना डिलीवरी (BigBasket), हेल्थकेयर (Tata 1mg), और लाइफस्टाइल शॉपिंग (Tata Cliq) जैसी सेवाओं को एक साथ जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया था। इसका मकसद अमेजन, फ्लिपकार्ट और रिलायंस रिटेल जैसे बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देना था।

तमाम कोशिशों के बावजूद टाटा न्यू वह रफ्तार नहीं पकड़ पाया, जिसकी टाटा ग्रुप को उम्मीद थी। बीते तीन वर्षों में टाटा संस अब तक टाटा डिजिटल में 2 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है। इसके बावजूद कंपनी की सेवाएं अब भी प्रतिद्वंद्वियों से पीछे हैं।

क्विक कॉमर्स कंपनियां जैसे ब्लिंकिट और जेप्टो, तेज डिलीवरी और शहरी इलाकों में बेहतर पहुंच के चलते बिगबास्केट से आगे निकल चुकी हैं।

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First Published - July 17, 2025 | 8:09 PM IST

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