सरकार ने बीते छह वर्षों के दौरान महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप में 3,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इसका ध्येय देशभर में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के साझा आंकड़े के अनुसार इनमें फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम और क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स योजनाएं शामिल हैं। पहली योजना के तहत एफएफएस के तहत वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) ने वर्ष 2020 से 2025 (अक्टूबर 2025 तक) के दौरान 154 महिला-नेतृत्व वाली स्टार्टअप कंपनियों में लगभग 2,838.9 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस कोष का संचालन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक करता है। इसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड में पंजीकृत एआईएफ को पूंजी प्रदान करता है और वे स्टार्टअप कंपनियों में निवेश करते हैं।
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राज्यवार विश्लेषण से पता चलता है कि केवल वर्ष 2025 में महाराष्ट्र में महिला-नेतृत्व वाली कंपनियों को सबसे अधिक निवेश (277.05 करोड़ रुपये) प्राप्त हुआ, फिर कर्नाटक (264.99 करोड़ रुपये) व गोवा (119.99 करोड़ रुपये) का स्थान रहा।