facebookmetapixel
Advertisement
सोमनाथ भारत की अपराजित आत्मा का प्रतीक, पीएम मोदी ने विरासत और आस्था को बताया राष्ट्र की शक्तिECLGS 5.0: एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट को मिल सकती है ₹1,500 करोड़ तक की राहतRupee vs Dollar: कच्चे तेल में गिरावट से रुपया लगातार दूसरे दिन मजबूत, डॉलर के मुकाबले 94.25 पर बंदसंजय कपूर मामले में मध्यस्थता करेंगे पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़FY26 में नए निवेशकों पर चार AMC का दबदबा, आधे से ज्यादा फोलियो इन्हीं के नामEditorial: हार के बाद ममता बनर्जी की सियासत ने फिर बढ़ाया टकरावक्या UPI पर सब्सिडी खत्म करने का समय आ गया है? Tiered MDR व्यवस्था की जरूरत पर बहसनए स्वरूप में NITI Aayog और PMEAC भारत की अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर समझने में बन सकते हैं मददगारSEBI ने शेयर ब्रोकरों का जोखिम सुरक्षा प्रणाली मंच ‘आईआरआरए’ बंद किया Stock Market: उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 114 अंक टूटा, निफ्टी स्थिर 

बढ़ी हुई निगरानी व्यवस्था से बाहर स्पाइसजेट

Advertisement

विमानन नियामक ने कहा कि कुल 23 विमानों का निरीक्षण किया गया और डीजीसीए के दलों द्वारा 95 टिप्पणियां की गईं।

Last Updated- July 25, 2023 | 11:22 PM IST
SpiceJet

नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने स्पाइसजेट को अपनी बढ़ी हुई निगरानी व्यवस्था से हटा दिया है। विमानन नियामक ने पाया है कि विमानन कंपनी ने ‘उपयुक्त रखरखाव कार्रवाई’ की थी। नियामक ने कहा कि उसने विमानन कंपनी के बेड़े में देश के 11 स्थलों पर 51 जांच की, जिसमें बोइंग 737 और बॉम्बार्डियर डीएचसी क्यू-400 विमान शामिल हैं।

विमानन नियामक ने कहा कि कुल 23 विमानों का निरीक्षण किया गया और डीजीसीए के दलों द्वारा 95 टिप्पणियां की गईं। जांच परिणाम नियमित प्रकृति वाला था और डीजीसीए ने उसे महत्वपूर्ण नहीं माना। प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रही विमानन कंपनी को हाल ही में बढ़ी हुई निगरानी में रखा गया था। डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अपर्याप्त रखरखाव और पिछले साल मॉनसून के दौरान हुई घटनाओं के मद्देनजर स्पाइसजेट को बढ़ी हुई निगरानी में रखा गया था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘डीजीसीए के दिशानिर्देशों के अनुसार टिप्पणियों पर विमानन कंपनी ने उचित कार्रवाई की, जिसकी वजह से स्पाइसजेट को डीजीसीए की बढ़ी हुई निगरानी व्यवस्था से हटा दिया गया है।’

विमानन कंपनी ने 19 जून, 2022 और 6 जुलाई, 2022 के बीच तकनीकी खराबी की कम से कम आठ घटनाओं की सूचना दी थी, जिसके बाद डीजीसीए ने विमानन कंपनी को अपनी निर्धारित उड़ानों में से 50 प्रतिशत उड़ानों का संचालन करने का आदेश दिया था। नियामक ने 21 अक्टूबर, 2022 को यह सीमा हटा दी थी।

बढ़ी हुई निगरानी में विशेष रूप से रात के समय जांच की संख्या अधिक रही। डीजीसीए के आंकड़ों के मुताबिक घरेलू यात्री बाजार में स्पाइसजेट की हिस्सेदारी जून में घटकर 4.4 प्रतिशत रह गई, जो मई में 5.4 प्रतिशत थी।

Advertisement
First Published - July 25, 2023 | 11:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement