facebookmetapixel
Advertisement
पहली बार लोन लेने से पहले जरूर जान लें ये बातें, एक गलती पड़ सकती है भारीकमजोर रिटर्न से AMC कंपनियों की बढ़ी मुश्किल, ब्रोकरेज ने बताए अपने टॉप पिकन्यू टैक्स रिजीम के हिसाब से दिया टैक्स, पर ओल्ड रिजीम से भरा ITR तो क्या होगा? दिल्ली ITAT ने किया साफचीनी मिलों पर सरकार सख्त, पेराई सीजन शुरू होने से पहले करना होगा किसानों का बकाया भुगतानNPS वात्सल्य से जुड़े 4.9 लाख बच्चे! कैसे इस स्कीम से जुड़कर आप अपने संतान का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं?नेस्ले पर FSSAI का शिकंजा! NAN और Lactogen के दावों पर उठे सवाल, बायोटिन टेस्ट में भी मिली गड़बड़ीNSE IPO दूसरे दिन दोगुना भरा, QIB और NII से भारी डिमांड, लेकिन ग्रे मार्केट से सुस्त संकेतअदाणी ग्रुप के शेयरों में 15% तक उछाल, जेफरीज ने इन 4 शेयरों पर दी BUY रेटिंग, 43% तक अपसाइड के टारगेटभारत में iPhone 18 का क्रेज: Apple स्टोर्स पर खरीदारों की लगीं लाइनेंDefence PSU: दुगराजपट्टनम में नया शिपयार्ड बनाएगी मझगांव डॉक, ₹15,000 करोड़ का करेगी निवेश, शेयर उछला

बढ़ी हुई निगरानी व्यवस्था से बाहर स्पाइसजेट

Advertisement

विमानन नियामक ने कहा कि कुल 23 विमानों का निरीक्षण किया गया और डीजीसीए के दलों द्वारा 95 टिप्पणियां की गईं।

Last Updated- July 25, 2023 | 11:22 PM IST
SpiceJet

नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने स्पाइसजेट को अपनी बढ़ी हुई निगरानी व्यवस्था से हटा दिया है। विमानन नियामक ने पाया है कि विमानन कंपनी ने ‘उपयुक्त रखरखाव कार्रवाई’ की थी। नियामक ने कहा कि उसने विमानन कंपनी के बेड़े में देश के 11 स्थलों पर 51 जांच की, जिसमें बोइंग 737 और बॉम्बार्डियर डीएचसी क्यू-400 विमान शामिल हैं।

विमानन नियामक ने कहा कि कुल 23 विमानों का निरीक्षण किया गया और डीजीसीए के दलों द्वारा 95 टिप्पणियां की गईं। जांच परिणाम नियमित प्रकृति वाला था और डीजीसीए ने उसे महत्वपूर्ण नहीं माना। प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रही विमानन कंपनी को हाल ही में बढ़ी हुई निगरानी में रखा गया था। डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अपर्याप्त रखरखाव और पिछले साल मॉनसून के दौरान हुई घटनाओं के मद्देनजर स्पाइसजेट को बढ़ी हुई निगरानी में रखा गया था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘डीजीसीए के दिशानिर्देशों के अनुसार टिप्पणियों पर विमानन कंपनी ने उचित कार्रवाई की, जिसकी वजह से स्पाइसजेट को डीजीसीए की बढ़ी हुई निगरानी व्यवस्था से हटा दिया गया है।’

विमानन कंपनी ने 19 जून, 2022 और 6 जुलाई, 2022 के बीच तकनीकी खराबी की कम से कम आठ घटनाओं की सूचना दी थी, जिसके बाद डीजीसीए ने विमानन कंपनी को अपनी निर्धारित उड़ानों में से 50 प्रतिशत उड़ानों का संचालन करने का आदेश दिया था। नियामक ने 21 अक्टूबर, 2022 को यह सीमा हटा दी थी।

बढ़ी हुई निगरानी में विशेष रूप से रात के समय जांच की संख्या अधिक रही। डीजीसीए के आंकड़ों के मुताबिक घरेलू यात्री बाजार में स्पाइसजेट की हिस्सेदारी जून में घटकर 4.4 प्रतिशत रह गई, जो मई में 5.4 प्रतिशत थी।

Advertisement
First Published - July 25, 2023 | 11:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement